तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले से एक वीडियो सामने आने के बाद सियासी विवाद छिड़ गया है, जिसमें एक दलित नगरपालिका कर्मचारी को सत्तारूढ़ डीएमके की पार्षद रम्या के सामने घुटने टेकते देखा गया। कर्मचारी, मुनियप्पन, जो कि एक जूनियर सहायक हैं, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि पार्षद रम्या ने उन्हें अपमानित करते हुए घुटने टेकने के लिए मजबूर किया। इस मामले ने राज्य में सामाजिक और राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है।
56 सेकंड के इस वीडियो में, जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, मुनियप्पन को रम्या के सामने जमीन पर लेटते देखा गया, जबकि वहां कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। वीडियो में रम्या को नहीं कहते सुना जा सकता है। मुनियप्पन ने पहले पुलिस को दिए लिखित बयान में कहा था कि उन्होंने स्वेच्छा से ऐसा किया, लेकिन अपनी ताजा शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद ने उन्हें ऐसा करने के लिए कहा था। इसके आधार पर पुलिस ने रम्या और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
कोई गिरफ्तारी नहीं हुई
पुलिस का कहना है कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया, “हम सभी सबूतों की जांच कर रहे हैं, जिसमें सीसीटीवी फुटेज भी शामिल है। हम सभी संबंधित लोगों से बात कर रहे हैं और जांच जारी है।” इस घटना से पहले रम्या ने मुनियप्पन के खिलाफ नगरपालिका आयुक्त से शिकायत की थी, जिसे इस विवाद का पृष्ठभूमि माना जा रहा है।
अन्नामलाई की तीखी प्रतिक्रिया
इस मामले पर तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख के. अन्नामलाई ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे डीएमके की सामाजिक अन्याय की मिसाल करार दिया। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ डीएमके ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह घटना राज्य में सामाजिक न्याय और दलित अधिकारों को लेकर चर्चा का केंद्र बन गई है।






