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अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के बाहर सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला, बाल बाल बचे, गोली चलाने वाला आरोपी गिरफ्तार

Written by:Sanjucta Pandit
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इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि मौके पर पहुंचे हमलावर ने अपनी बंदूक निकाल ली और पूर्व मुख्यमंत्री पर गोली चला दी। अच्छी बात ये रही कि सुखबीर सिंह के सहयोगियों ने आरोपी को देख लिया और उसे पकड़ लिया गया। इस घटना के बाद से मौके पर हड़कंप की स्थिति है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरु कर दी है।
अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के बाहर सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला, बाल बाल बचे, गोली चलाने वाला आरोपी गिरफ्तार

Attack on Sukhbir Singh Badal : पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला हुआ है जिसमें वो बाल बाल बच गए हैं। यह घटना उस समय हुई जब सुखबीर सिंह बादल अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के बाहर धार्मिक सेवा के तहत दरबान के रूप में सेवा दे रहे थे। इसी बीच वहां एक व्यक्ति आया और उसने बंदूक निकालकर फायरिंग कर दी। इसे सुखबीर सिंह बादल के साथ मौजूद सहयोगियों ने देख लिया और तुरंत हमलावर को रोकते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों ने सुखबीर सिंह बादल को घेर लिया।

सुखबीर सिंह बादल पर हमला

इस घटना के बाद मौके पर हड़कंप की स्थिति है। फ़िलहाल पुलिस ने गोली चलाने के आरोपी नारायण सिंह चौरा को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से पिस्तौल बरामद की गई है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी की पहचान बब्बर खालसा इंटरनेशनल के पूर्व सदस्य के रूप में की गई है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि आरोपी मौके पर पहुंचता है और बंदूक निकालकर सुखबीर सिंह बादल पर फायर कर देता है। अच्छी बात ये रही कि सुखबीर सिंह बादल के सहयोगी तुरंत गोली चलाने वाले शख्स को दबोच लेते हैं  इस अफरातफरी में उसका निशाना चूक जाता है। जब ये घटना हुई तब वहां मीडियाकर्मी भी मौजूद थे।

बता दें कि अकाल तख्त ने सुखबीर सिंह बादल और शिरोमणि अकाली दल के कई अन्य नेताओं को धार्मिक सजा सुनाई है। इसके तहत बादल को स्वर्ण मंदिर के द्वार पर बरछा लेकर पहरा देने की सजा सुनाई गई थी। अकाल तख्त सिख धर्म की सर्वोच्च धार्मिक संस्था मानी जाती है और यह सिख समुदाय के किसी सदस्य को उसकी धार्मिक भूलों के लिए तलब कर सकती है और उसे धार्मिक दंड भी दे सकती है। जब कोई व्यक्ति सिख धर्म के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है या सिख समुदाय की भावनाओं के विरुद्ध जाकर कार्य करता है तो उसे अकाल तख्त द्वारा सजा दी जाती है। इसी सजा के तहत सुखबीर सिंह बादल आज सुबह गोल्डन टेंपल में धार्मिक सेवा दे रहे थे, जब उनपर ये हमला किया गया।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
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