मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, मानसून से पहले काम पूरा करने का दिया अल्टीमेटम

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक में राजधानी में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को मार्च के अंत तक सभी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर मॉनसून से पहले काम खत्म करने के सख्त निर्देश दिए और कहा कि बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
Delhi CM Rekha Gupta

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में चल रहे विकास कार्यों की गति को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ने मार्च के अंत तक सभी परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया पूरी करने और मॉनसून की शुरुआत से पहले इन्हें जमीन पर पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है।

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि राजधानी के विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं है, लेकिन काम जमीन पर दिखना चाहिए। यह समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री विकास फंड (सीएमडीएफ), दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड (डीवीडीबी) और यमुनापार क्षेत्र विकास बोर्ड (टीवाईएडीबी) के तहत चल रही परियोजनाओं को लेकर बुलाई गई थी।

5300 से ज्यादा प्रोजेक्ट, 3700 करोड़ से बदलेगी दिल्ली की तस्वीर

बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, इन तीनों प्रमुख योजनाओं के तहत दिल्ली में 5300 से अधिक विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल लागत 3786 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य दिल्ली के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। बैठक में डीवीडीबी के अध्यक्ष राजकुमार चौहान और टीवाईएडीबी के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

गांवों और यमुनापार के विकास पर विशेष ध्यान

दिल्ली सरकार गांवों के समग्र विकास को प्राथमिकता दे रही है। दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड (डीवीडीबी) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में 1557 करोड़ रुपये की लागत से 707 विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग 411 और नगर निगम 293 परियोजनाएं लागू कर रहा है।

इसी तरह, यमुनापार क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए यमुनापार क्षेत्र विकास बोर्ड (टीवाईएडीबी) के तहत लगभग 430 करोड़ रुपये की लागत वाले 799 कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों में सड़कें, नालियां, सामुदायिक भवन, स्कूल और फुटब्रिज का निर्माण शामिल है।

मुख्यमंत्री विकास फंड से बुनियादी सुविधाओं पर जोर

स्थानीय स्तर पर विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री विकास फंड (सीएमडीएफ) के तहत करीब 1798.85 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 3,812 परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं में सड़कों और नालियों का निर्माण, जल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट और पार्कों का विकास जैसे कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और डीएसआईआईडीसी जैसी विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से पूरा किया जा रहा है, जिसमें सबसे बड़ी भूमिका एमसीडी की है।

मुख्यमंत्री ने सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और लंबित परियोजनाओं से जुड़े दस्तावेजों को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि विकास कार्यों को और तेज किया जा सके।

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