Delhi Election Results 2025: दिल्ली किसकी होगी? सट्टा बाजार भी कंफ्यूज, अब फलौदी ने बदला अपना अनुमान

ताजा अनुमान जारी कर फलौदी सट्टा बाजार ने अपने आंकड़े बदल दिए है, अब उसका अनुमान है कि 27 साल के लंबे अंतराल के बाद इस बार दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होगी।
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Delhi Election Results 2025: दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बरक़रार रहेगी और वो हैट्रिक लगाएगी या फिर भाजपा उससे उसकी सत्ता छीन लेगी या फिर कांग्रेस कोई चमत्कार करेगी? ये सवाल इस समय सियासी पंडितों के दिलो दिमाग में चल रहा है, एग्जिट पोल तैयार करने वाली एजेंसिया भी अपने आंकड़े बताकर सियासी उफान मचाये हुए हैं इससे भी ज्यादा सट्टा बाजार ने भी नेताओं की नींद उड़ा दी है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत किसकी होगी ये तो 8 फरवरी को ही परिणाम के बाद पता चल सकेगा लेकिन ऊपर नीचे होता हुआ सट्टा बाजार नेताओं और पार्टियों की धड़कन बढ़ाये हुए है, इसी बीच फलौदी सट्टा बाजार ने यू टर्न लेकर बेचैनी को कई गुना बड़ा दिया है। अभी तक आम आदमी पार्टी को बढ़त दिलाने वाला फलौदी बाजार ने आज अचानक भाजपा को बढ़त दिला दी है, नए अनुमान के मुताबिक अब फलौदी बाजर दिल्ली में भाजपा की सरकार बना रहा है।

फलौदी बाजार का यू टर्न, बन रही BJP की सरकार 

ताजा अनुमान जारी कर फलौदी सट्टा बाजार ने अपने आंकड़े बदल दिए है, अब उसका अनुमान है कि 27 साल के लंबे अंतराल के बाद इस बार दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होगी। नए आंकड़ों के मुताबिक भाजपा को 70 में से 34 सीटों पर जीत मिल सकती है, वहीं आम आदमी पार्टी को भी 34 सीट ही मिलती दिखाई दे रही हैं लेकिन फलौदी सट्टा बाजार का अनुमान है कि यदि आप 34 सीटें भी जीतती है तो उसके हाथ से सत्ता चली जाएगी।

अनुमान सही निकला तो ये बड़ा बदलाव 

आपको बता दें कि दिल्ली में 2015 से आम आदमी पार्टी की सरकार है, अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप ने दिल्ली को सत्ता से हटाया था और उसके बाद जबसे कुर्सी संभाली है लगातार सरकार में है लेकिन इस बार जो संकेत फलौदी सट्टा बाजार दे रहा है और भाजपा की सरकार बना रहा है यदि ये सही साबित होता है तो ये बहुत बड़ा बदलाव होगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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