हैदराबाद: दिल्ली के कथित आबकारी नीति घोटाले में शुक्रवार को एक बड़ा फैसला आया, जिसमें अदालत ने BRS नेता के. कविता, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत 20 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। इस फैसले के बाद महीनों तक जेल में रहीं तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर की बेटी कविता ने इसे न्याय की जीत बताते हुए एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार दिया।
फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने हैदराबाद में कई भावुक सवाल उठाए। कविता ने पूछा, “5 महीने जेल में रहने के कारण मैंने अपने बच्चों के साथ जो समय गंवाया, उसका हिसाब कौन देगा? मैंने अपने परिवार के साथ जो समय गंवाया, उसका हिसाब कौन देगा?” उन्होंने ऑनलाइन उत्पीड़न और सार्वजनिक मंचों पर राजनीतिक नेताओं द्वारा की गई अभद्र टिप्पणियों पर भी जवाबदेही की मांग की।
“यह झूठ का जाल था, न्यायपालिका ने इसे काट दिया”
के. कविता ने शुरुआत से ही इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताया था। उन्होंने कहा कि यह केस राजनीतिक बदले की भावना से विपक्षी दलों पर थोपा गया था। फैसले के बाद उन्होंने अपनी बात दोहराई।
“सत्यमेव जयते. यह (केस) झूठ का जाल था. लेकिन न्यायपालिका ने इसे पूरी तरह से काट दिया है।”- के. कविता, BRS नेता
अदालत ने भी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की खिंचाई करते हुए कहा कि उसे इस नीति में कोई “बड़ी साजिश या आपराधिक इरादा” नहीं मिला। इस फैसले ने कविता के आरोपों को और बल दिया है।
मुश्किल घड़ी में परिवार और कार्यकर्ताओं का आभार
इस मुश्किल दौर में साथ खड़े रहने वालों का कविता ने धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके पति, ससुराल वाले, माता-पिता और तेलंगाना जागृति के कार्यकर्ताओं ने हर कदम पर उनका साथ दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिता के. चंद्रशेखर राव ने भी हमेशा कहा कि यह केस उनके और BRS के खिलाफ बदले की कार्रवाई है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस खुशी को अपने पिता केसीआर और भाई के.टी. रामा राव के साथ साझा करेंगी, तो उन्होंने कहा, “यह फैसला आने के बाद मैंने अपनी मां का आशीर्वाद लिया। यह दूसरी बातें करने का समय नहीं है। मैं उन सभी की शुक्रगुजार हूं जो इस केस के दौरान मेरे साथ खड़े रहे।”
गौरतलब है कि कविता को इस मामले में मार्च 2024 में गिरफ्तार किया गया था और वह 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से बाहर आई थीं। इससे पहले, पिछले साल सितंबर में उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में BRS से निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने तेलंगाना जागृति मंच के जरिए सामाजिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया।





