जनता परेशान, सरकार नदारद! अरविंद केजरीवाल ने उठाए सवाल, कहा – हालात देखकर लगता है कोई सरकार ही नहीं

जनता परेशान, सरकार नदारद! अरविंद केजरीवाल ने उठाए सवाल, कहा – हालात देखकर लगता है कोई सरकार ही नहीं

दिल्ली में बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जगह-जगह जलभराव और राहत कैंपों में बुनियादी सुविधाओं की कमी से लोग परेशान हैं। आम आदमी पार्टी ने इसे लेकर बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे दिल्ली में कोई सरकार ही नहीं है। उन्होंने राहत कैंपों में जाकर मदद करने की मांग की। साथ ही मॉनसून से पहले की तैयारी न होने पर सवाल उठाए। दिल्ली की जनता पानी में घिरी है और मदद की प्रतीक्षा कर रही है।


राहत कैंपों में बुनियादी सुविधाओं की कमी

आम आदमी पार्टी ने कहा कि राहत कैंपों में रहने वाले लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जनता की स्थिति बहुत खराब है और सरकार को तत्काल मदद करनी चाहिए। उन्होंने एक्स पर लिखा कि दिल्ली में ऐसा लग रहा है कि कोई सरकार ही नहीं है। वहीं, आतिशी ने कहा कि राहत कैंपों में साफ पानी, खाना, दवाइयों जैसी चीजें सही से नहीं मिल रही हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार से अपील की कि वह लोगों की तकलीफों को समझे और राहत कार्यों को तेज करे ताकि प्रभावित लोगों को समय पर मदद मिल सके।


दिल्ली की सड़कों पर पानी ही पानी

आतिशी ने मॉनसून को लेकर कहा कि दिल्ली की हालत बहुत खराब है। हर बार बारिश आते ही सड़कें पानी में डूब जाती हैं। शालीमार बाग, राजौरी गार्डन, तिलक नगर, पटपड़गंज, तुगलकाबाद, ग्रेटर कैलाश और कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में जलभराव की समस्या आम हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल किया कि बारिश से पहले क्या तैयारी की गई थी। उन्होंने कहा कि जनता बार-बार परेशान हो रही है, लेकिन प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठा रहा। इस वजह से हर बार बारिश के साथ ही समस्याएँ बढ़ जाती हैं।


तैयारी की कमी बनी बड़ी समस्या

आतिशी ने कहा कि जलभराव रोकना आसान नहीं है, लेकिन तैयारी के अभाव ने समस्या को और बढ़ा दिया। उन्होंने बताया कि जब उनकी सरकार थी, तो मॉनसून से तीन महीने पहले सभी संबंधित विभागों को बुलाकर तैयारियों की समीक्षा की जाती थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई एजेंसियाँ काम करती हैं, इसलिए पहले से योजना बनाना जरूरी है। नालों की सफाई, डीसिल्टिंग और समय पर मॉनिटरिंग से जलभराव को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर अभी से ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बारिश के साथ ही फिर वही हाल होगा जिससे जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।

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