
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और वकील जय अनंत देहद्रई से पूछा कि वे अपने पालतू कुत्ते हेनरी की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद को आपस में बैठकर क्यों नहीं सुलझा सकते। कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए, जिसमें उन्होंने अपने रॉटवीलर कुत्ते हेनरी की साझा कस्टडी मांगी है, कहा, “आप दोनों क्यों नहीं बैठकर इसे सुलझाते? वह इस मुकदमे में क्या राहत मांग रही हैं?” दोनों के बीच यह कानूनी विवाद 2023 से चल रहा है, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे पर कुत्ते को चुराने का आरोप लगाया है।
महुआ मोइत्रा का दावा है कि हेनरी उनका है और वे उसकी साझा कस्टडी चाहती हैं। दूसरी ओर, जय अनंत देहद्रई ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें और मोइत्रा को इस कस्टडी विवाद को सार्वजनिक करने से रोका गया है। देहद्रई के वकील संजय घोष ने तर्क दिया कि यह आदेश उनके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि देहद्रई ने बिना मामले का विवरण दिए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की थी, जिसे बाद में अदालत के आदेश का उल्लंघन माना गया। कोर्ट ने इस मामले में मोइत्रा से जवाब मांगा और सुनवाई को दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया।
असली अभिभावक कौन
जय अनंत देहद्रई ने दावा किया है कि हेनरी 40 दिन की उम्र से उनके पास है और उन्होंने ही उसे पाला, जिसके कारण वे खुद को उसका असली अभिभावक समझते हैं। दोनों के बीच यह विवाद तब और गहरा गया जब देहद्रई ने 2023 में मोइत्रा के खिलाफ शिकायत की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि मोइत्रा ने एक व्यवसायी से अवैध लाभ लेकर संसद में सवाल उठाए। इस शिकायत के आधार पर लोकसभा की आचार समिति ने मोइत्रा को संसद से निष्कासित करने की सिफारिश की थी, जिसे मोइत्रा ने कंगारू कोर्ट का पूर्व-निर्धारित फैसला करार दिया।
पुलिस में शिकायत दर्ज
मोइत्रा ने सितंबर 2023 में देहद्रई के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की थी और वरिष्ठ अधिकारियों को उनके घर भेजकर हेनरी की कस्टडी के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की थी, जिसे देहद्रई ने ठुकरा दिया। नवंबर 2023 में देहद्रई ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि मोइत्रा उनके घर पर हेनरी के बहाने आकर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने मोइत्रा पर अनधिकृत प्रवेश, आपराधिक धमकी और शांति भंग जैसे आरोप लगाए।
