
delhi m rekha gupta
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को एक विचारशील समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें ‘दिल्ली नगर निगम (MCD)’ से जुड़ी कई अहम बातें सामने आईं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य था,कैसे राजधानी को कूड़े से मुक्त और पर्यावरण-संबंधी दृष्टिकोण से बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने तीन प्रमुख लैंडफिल साइट्स,अखिल भारतीय ओखला, भल्स्वा और गाज़ीपुर,पर जम चुके कूड़े के पहाड़ हटाने का कड़ा लक्ष्य रखा है।
सीएम रेखा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ये सारे कूड़े दिसंबर 2026 तक पूरी तरह साफ किए जाएं। यह समयसीमा अब अटूट वचन बन चुका है। इसी बीच, “दिल्ली को कूड़े से आज़ादी” अभियान को भी बढ़ाकर 2 अक्टूबर 2025 तक किया गया है। इसका उद्देश्य केवल अभियान नहीं, बल्कि वास्तविक नतीजे लाना बताया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बताया कि पुराने कचरे को हटाने के लिए MCD की बायोमाइनिंग (biomining) क्षमता 15,000 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 25,000 टन प्रतिदिन कर दी गई है।
2026 तक चालू करने का लक्ष्य
जुलाई 2025 तक यह बढ़कर 30,000 टन प्रतिदिन हो चुका था। विशेष बात यह है कि लखनऊ (Narela-Bawana), गाज़ीपुर, टे़खंद और ओखला जैसे स्थानों पर वेस्ट-टू-एनर्जी (WTE) संयंत्रों के निर्माण को तेज़ किया जा रहा है। इनमें से कुछ को 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हर जोन में स्थानीय कचरा प्रबंधन केंद्र बनाए जाएं, जिससे कचरा ट्रांसपोर्टिंग की जगह वहीं निपटारा हो सके।
दिल्ली को स्वच्छ करना
साथ ही, दूध के अपशिष्ट (dairy waste) के लिए गोबर आधारित उपचार संयंत्र और जीवाश्मीय ऊर्जा संयंत्र (biogas plants) लगने का प्रस्ताव है। इस शहर में भीड़ वाले बाज़ार,जैसे करोल बाग और कमला नगर,में 10 मल्टीलेवल पार्किंग स्ट्रक्चर बनाए जाने की बात भी उठाई गई, ताकि जाम और भीड़ को कम किया जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आह्वान किया कि सरकार अकेले सब कुछ नहीं कर सकती,अब जनता को भी जिम्मेदारी से काम लेना होगा। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाने में योगदान देना आवश्यक है।
