
building collapsed
दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में सोमवार सुबह एक जर्जर इमारत का तीसरी मंजिल का हिस्सा अचानक गिर गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो लोग घायल हो गए जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। दिल्ली अग्निशमन सेवा (फायर ब्रिगेड) और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और इमारत के बाकी हिस्से की जांच की। इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में मौजूद पुरानी और कमजोर इमारतों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा: सुबह 7:42 बजे मिली सूचना
दिल्ली अग्निशमन विभाग के अधिकारी ने जानकारी दी कि सुबह 7:42 बजे कंट्रोल रूम में सूचना मिली कि उत्तम नगर में एक इमारत का हिस्सा गिर गया है। तुरंत राहत-बचाव दल को मौके पर रवाना किया गया। घटनास्थल पर पहुंचने पर पता चला कि तीसरी मंजिल का हिस्सा अचानक गिर गया, जिससे नीचे मौजूद दो लोग इसकी चपेट में आकर घायल हो गए। गनीमत रही कि हादसा और बड़ा नहीं हुआ, वरना जान-माल का ज्यादा नुकसान हो सकता था।
घायलों का इलाज जारी, स्थिति नियंत्रण में
घायल दोनों व्यक्तियों को तुरंत दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है। प्रशासन ने बताया कि मौके पर किसी और के दबे होने की आशंका नहीं है, लेकिन सावधानी के तौर पर इमारत की पूरी जांच की जा रही है। फायर ब्रिगेड और पुलिस ने इलाके को सुरक्षित घोषित कर दिया है।
क्यों गिरा इमारत का हिस्सा? जर्जर हालत बन रही खतरा
अधिकारियों ने शुरुआती जांच में बताया कि यह इमारत काफी पुरानी और जर्जर हालत में थी। बारिश और नमी की वजह से इमारत की दीवारें और ढांचा कमजोर हो गया था, जिससे ऊपरी मंजिल का हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में कई इमारतें ऐसी ही हालत में हैं, लेकिन उन पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इलाके का सर्वे कराया जाए और खतरनाक इमारतों को जल्द गिराया जाए ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।
प्रशासन ने की कार्रवाई शुरू, लोगों में डर का माहौल
हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को हटाया और स्थिति को काबू में किया। इमारत के मालिक और संबंधित विभाग से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इमारत की स्थिति के बारे में जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस हादसे के बाद इलाके के लोगों में भय और चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि जब तक इलाके की सभी जर्जर इमारतों की जांच नहीं हो जाती, तब तक वे डर के साए में रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि मामले की पूरी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी की लापरवाही पाई जाती है तो कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
