मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर 350 रुपये टोल टैक्स को लेकर ग्रामीण काफी समय से परेशान हैं। यह टैक्स ग्रामीणों के लिए भारी बोझ बन गया है। कई दिनों से ग्रामीण इस टोल टैक्स के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और रविवार को टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होकर महापंचायत कर विरोध जताया। ग्रामीणों की मांग है कि यह टोल टैक्स उनकी जमीन से गुजरने वाले मार्ग के लिए वसूला जा रहा है, जो उनके लिए अन्याय है।
टोल टैक्स से ग्रामीण परेशान, महापंचायत में उमड़ी भारी भीड़
टोल प्लाजा पर रविवार को सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। दो दर्जन से ज्यादा गांवों के लोग यहां पहुंचे और टोल टैक्स के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। मुंडका-बक्करवाला टोल फ्री संघर्ष समिति के नेतृत्व में यह महापंचायत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह टोल टैक्स उनके लिए बहुत बड़ी परेशानी है क्योंकि वे रोजाना अपने खेतों और घरों से गुजरते हैं और हर बार टोल देना उनके लिए उचित नहीं है। इस विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
ग्रामीणों ने जताई अपनी नाराजगी, कहा- टोल नहीं है बल्कि लूट है
ग्रामीणों ने साफ कहा कि यह टोल प्लाजा नहीं बल्कि लूट प्लाजा है। उनकी जमीन से गुजर रही रोड यूईआर-2 पर टोल वसूलना उनके लिए गलत है। वे मांग करते हैं कि उनके गांव के बीच से गुजरने वाले रास्ते से टोल टैक्स वसूलना बंद किया जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि गांव वालों का रोजाना आना-जाना होता है, क्या हर बार उन्हें टोल देना पड़ेगा? इस व्यवस्था को ग्रामीण तब तक स्वीकार नहीं करेंगे जब तक कि टोल टैक्स पूरी तरह खत्म न हो जाए।
ट्रैक्टर पर प्रतिबंध और सर्विस रोड की मांग
ग्रामीणों ने एक और समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि खेती के लिए ट्रैक्टर लेकर चलना पड़ता है, लेकिन इस रोड पर ट्रैक्टर चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। वे चाहते हैं कि इस रोड के दोनों ओर सर्विस रोड बनाकर किसानों को खेतों तक पहुंचने का रास्ता दिया जाए। ताकि वे अपनी फसल को मंडी तक ट्रैक्टर से आसानी से ले जा सकें। यह मांग भी उनके लिए बहुत जरूरी है ताकि उनकी खेती और आजीविका प्रभावित न हो।
मंत्री से जल्द समाधान की मांग, धरना अनिश्चितकालीन होगा
संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की है कि चार दिनों के भीतर परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से उनकी बात सुनी जाए। अगर उनकी मांगे पूरी हो जाती हैं तो वे विरोध प्रदर्शन समाप्त कर देंगे। लेकिन अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे टोल प्लाजा के पास तंबू लगाकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव भी देखने को मिला। पुलिस ने कुछ वाहनों को जब्त करने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने विरोध किया, जिसके बाद पुलिस टीम वहां से हट गई।





