राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक रूप ले चुका है, जिससे हालात बिगड़ गए हैं। शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 428 पर पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की उप-समिति ने आनन-फानन में बैठक कर पूरे NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चौथे चरण को तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला किया है।
शनिवार को बिगड़ते मौसम और प्रदूषण के चलते हवा की गुणवत्ता तेजी से खराब हुई। शाम 4 बजे जो AQI 400 के स्तर पर था, वह महज चार घंटों में बढ़कर रात 8 बजे 428 के ‘गंभीर+’ स्तर पर पहुंच गया। इसी के बाद यह सख्त कदम उठाया गया। अब पहले से लागू GRAP के चरण 1, 2 और 3 के साथ चौथे चरण के कड़े प्रतिबंध भी प्रभावी रहेंगे।
क्या हैं GRAP-4 की पाबंदियां?
GRAP-4 लागू होने के साथ ही प्रदूषण पर काबू पाने के लिए कई सख्त नियम लागू किए गए हैं। इसके तहत दिल्ली-NCR में आवश्यक परियोजनाओं को छोड़कर सभी प्रकार के निर्माण और तोड़-फोड़ के कार्यों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। साथ ही, दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर भी प्रतिबंध रहेगा, हालांकि आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं वाले वाहनों को छूट दी जाएगी।
इसके अलावा, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाली कारों के चलने पर भी पाबंदी लगाई गई है। आयोग ने संबंधित एजेंसियों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बिगड़ते हालात पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके।
एजेंसियों को सख्त निगरानी के निर्देश
CAQM ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित एजेंसियां इन उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करेंगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निर्देश दिया गया है कि वे औद्योगिक क्षेत्रों और निर्माण स्थलों पर लगातार निगरानी रखें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। अगले कुछ दिनों तक मौसम की स्थिति को देखते हुए इन पाबंदियों के जारी रहने की संभावना है।





