पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल तेज होने के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी धारदार हो गई है। उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर में सोमवार को आयोजित रैली में BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि अगर राज्य में उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो इस्लामपुर का नाम बदलकर ईश्वरपुर किया जाएगा।
यह घोषणा BJP की चल रही 5,000 किलोमीटर लंबी परिवर्तन यात्रा के बीच आई है, जिसे पार्टी बंगाल में सत्ता परिवर्तन के अभियान के रूप में पेश कर रही है। नितिन नबीन ने मंच से कार्यकर्ताओं और समर्थकों से यात्रा को जनआंदोलन बनाने की अपील की और कहा कि बदलाव के लिए लोगों को खुद आगे आना होगा।
“इस्लामपुर को ईश्वरपुर बनाने के लिए BJP की परिवर्तन यात्रा का शंखनाद कीजिए। अब इस्लामपुर नहीं रहेगा, ईश्वरपुर बनेगा।”- नितिन नबीन
परिवर्तन यात्रा के जरिए चुनावी संदेश
रैली में नितिन नबीन ने कहा कि परिवर्तन यात्रा का मकसद केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि राजनीतिक परिवर्तन है। उनके मुताबिक, यह यात्रा राज्य के हर हिस्से तक जाएगी और स्थानीय मुद्दों को उठाएगी। उन्होंने इसे बंगाल की जनता के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने का अभियान बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में बदलाव लाने के लिए लोगों को अपनी सरकार खुद चुननी होगी। उनके भाषण का केंद्रीय संदेश यह रहा कि यात्रा के जरिए पार्टी गांव-गांव तक पहुंचकर चुनाव से पहले माहौल तैयार करना चाहती है।
घुसपैठ, अधिकार और सुरक्षा पर BJP का रुख
नितिन नबीन ने अपने संबोधन में घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि BJP किसी भी घुसपैठिए को पश्चिम बंगाल के लोगों के अधिकार छीनने नहीं देगी। उनके अनुसार, पार्टी का फोकस सुरक्षा सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ राजनीतिक बदलाव लाने पर है।
यह मुद्दा BJP लंबे समय से बंगाल की राजनीति में उठाती रही है, और इस बार भी चुनावी रैलियों में इसे प्रमुखता दी जा रही है। इस्लामपुर की सभा में भी यही रेखांकित किया गया कि सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा और नागरिक अधिकार का सवाल चुनावी विमर्श का अहम हिस्सा रहेगा।
TMC सरकार पर सीधे आरोप
रैली के दौरान नितिन नबीन ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन देने में सहयोग नहीं कर रही। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी देश के नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दे रहीं।
उन्होंने यह दावा भी किया कि अगर चुनाव आयोग 50 लाख बांग्लादेशियों के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाता, तो केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ घुसपैठियों तक पहुंचता। नितिन नबीन ने इसे राज्य के वास्तविक लाभार्थियों के साथ अन्याय बताया।
बंगाल चुनाव से पहले BJP और TMC के बीच राजनीतिक टकराव अब पहचान, सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों जैसे मुद्दों पर और तेज होता दिख रहा है। इस्लामपुर में दिया गया नाम बदलने का बयान भी इसी व्यापक चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पार्टी स्थानीय प्रतीकों और बड़े राजनीतिक मुद्दों को साथ लेकर चल रही है।






