नई दिल्ली: अगर आप दिल्ली में रहते हैं और पुराने ट्रैफिक चालान के बोझ से परेशान हैं, तो आपके लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर 14 फरवरी, 2026 को एक विशेष लोक अदालत के आयोजन की घोषणा की है। इस अदालत का मकसद उन लाखों वाहन मालिकों को मौका देना है जो अपने लंबित चालानों का निपटारा एक ही बार में और आसानी से करना चाहते हैं।
यह आयोजन उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो कोर्ट-कचहरी के चक्करों से बचते हुए अपने रिकॉर्ड को साफ करना चाहते हैं। इस विशेष अभियान के तहत कुल 2,00,000 ट्रैफिक चालान और नोटिसों का निपटारा किया जाएगा।
किन चालानों का होगा निपटारा?
यह जानना बेहद जरूरी है कि इस लोक अदालत में सभी तरह के चालान शामिल नहीं होंगे। अधिकारियों के अनुसार, केवल उन्हीं कंपाउंडेबल ट्रैफिक चालान और नोटिसों पर विचार किया जाएगा, जो 31 अक्टूबर, 2025 तक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के पोर्टल पर लंबित थे। इसके अलावा, यह भी अनिवार्य है कि इन चालानों को वर्चुअल कोर्ट (ट्रैफिक) में भेजा जा चुका हो।
कैसे करें आवेदन और क्या है प्रक्रिया?
चालान का निपटारा कराने के लिए आपको पहले से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना होगा। इसकी प्रक्रिया 09 फरवरी, 2026 को सुबह 10:00 बजे से शुरू होगी। चालान डाउनलोड करने और अपॉइंटमेंट बुक करने का लिंक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर सक्रिय किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक सीमा तय की गई है। प्रतिदिन अधिकतम 50,000 चालान/नोटिस ही डाउनलोड किए जा सकेंगे, जबकि कुल सीमा 2 लाख रखी गई है। वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे लिंक एक्टिव होते ही अपनी प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर लें।
प्रिंट आउट और आयोजन स्थल
एक महत्वपूर्ण बात जिसका सभी को ध्यान रखना है, वह यह है कि अदालत परिसर में चालान या नोटिस का प्रिंट आउट निकालने की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। इसलिए, आपको वेबसाइट से डाउनलोड किए गए चालान का प्रिंट आउट अपने साथ अनिवार्य रूप से लेकर जाना होगा। इसके बिना आपका मामला नहीं सुना जाएगा।
आवेदन के लिए आप दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट https://traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat पर जा सकते हैं या विज्ञापन में दिए गए QR कोड को भी स्कैन कर सकते हैं। यह विशेष लोक अदालत दिल्ली के सात प्रमुख न्यायालय परिसरों में आयोजित की जाएगी: पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा, तीस हजारी, साकेत, रोहिणी, द्वारका और राउज एवेन्यू कोर्ट।





