AIMIM के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना के करीमनगर में आयोजित एक जनसभा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अगर भारत रूस से तेल खरीदता रहा तो अमेरिका 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। इस बयान को लेकर ओवैसी ने बीजेपी के राष्ट्रवाद पर सवालिया निशान लगाए।
अपने संबोधन में ओवैसी ने सीधे सवाल उठाया कि क्या भारत का पेट्रोलियम मंत्री डोनाल्ड ट्रंप है या हरदीप सिंह पुरी? उन्होंने कहा कि अमेरिका में बैठा एक गोरी चमड़ी वाला इंसान भारत को धमकी दे रहा है कि अगर देश ने रूस से तेल खरीदा तो वह टैक्स लगा देगा। ओवैसी ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद केंद्रीय मंत्री को भी आड़े हाथों लिया।
केंद्रीय मंत्री से सीधा सवाल
ओवैसी ने मौजूदा केंद्रीय मंत्री का जिक्र करते हुए कहा कि वे उनसे पूछना चाहते हैं कि क्या यही बीजेपी-आरएसएस का राष्ट्रवाद है और यही उनकी देशभक्ति है। उन्होंने कहा कि अगर भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा तो इसका सबसे बड़ा फायदा चीन को मिलेगा जो सारा सस्ता तेल खरीद लेगा।
“ऐसा केंद्रीय मंत्री है जो ट्रंप से डरता है, लेकिन रोजाना ओवैसी को गाली देता है।” — असदुद्दीन ओवैसी
ओवैसी ने ‘नयारा’ कंपनी का उदाहरण देते हुए कहा कि यह एक रूसी कंपनी है और अगर वह भारत में तेल लाती है तो क्या ट्रंप उस पर भी टैरिफ लगाएंगे? उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि बीजेपी नेताओं के चेहरे पर दाढ़ी होती है, सिर पर टोपी होती है और शरीर पर शेरवानी होती है लेकिन उनका यह रूप आम जनता के लिए परेशानी खड़ी करता है।
ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में अपने बयानों में साफ किया था कि अगर भारत सहित BRICS देश डॉलर की जगह अपनी मुद्रा का इस्तेमाल करते हैं या रूस से तेल खरीदते हैं तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। ओवैसी ने इस बयान को भारत की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया और केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल खड़े किए।
आर्थिक पहलू पर चर्चा करते हुए ओवैसी ने कहा कि रूस से तेल खरीदना भारत के हित में है क्योंकि यह सस्ता मिलता है। उन्होंने कहा कि अगर भारत यह तेल नहीं खरीदेगा तो चीन को मौका मिल जाएगा और वह पूरा सस्ता तेल अपने पास रख लेगा जिससे भारत का ही नुकसान होगा।
करीमनगर की जनता से अपील
अपने संबोधन के अंत में ओवैसी ने करीमनगर की जनता से अपील की कि वे उन नेताओं को पहचानें जो विदेशी दबाव में देश की बाजी गंवाने पर आमादा हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने देश की संप्रभुता की रक्षा नहीं कर सकते वे राष्ट्रवाद का नारा लगाने का हक नहीं रखते।
ओवैसी ने इस मौके पर यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री विदेशी नेताओं से तो डरते हैं लेकिन विपक्ष को रोजाना गाली देने में कोई कसर नहीं छोड़ते। उन्होंने जनता से कहा कि आने वाले समय में ऐसे नेताओं को पहचानना जरूरी है जो विदेशी हितों की रक्षा करते हैं ना कि देश के हितों की।






