प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 12 जनवरी 2026 को भारत मंडपम में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं द्वारा बनाए गए नए आइडिया और इनोवेशन पर आधारित प्रदर्शनी देखी और फिर संबोधित कर युवाओं का मार्गदर्शन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं आप सभी को विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में सहभागिता के लिए बहुत बहुत बधाई देता हूं। आप सब जानते हैं कि आज स्वामी विवेकानंद की जयंती है। उनके विचार आज भी हर युवा के लिए प्रेरणा हैं। हमारे जीवन का मकसद क्या है? हम Nation First की भावना के साथ कैसे जिएं। हमारी हर कोशिश में समाज और देश की भलाई होनी चाहिए। इस दिशा में स्वामी विवेकानंद का जीवन हम सभी के लिए एक गाइड और प्रेरणा है। उन्होंने कहा, स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इसलिए आज, 12 जनवरी को विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के तौर पर चुना गया है।
मैनें हमेशा युवा पीढ़ी पर किया भरोसा- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने अपने मुख्यमंत्री दौर की बात बताई। उन्होंने बताया कि जब मैंने पहली बार CM पद की शपथ ली थी, तो मुझे लगता है कि आप में से कई लोग तो पैदा भी नहीं हुए होंगे। 2014 में, जब मैंने PM पद संभाला, तो आप में से ज्यादातर को बच्चा कहा जाता। लेकिन CM और PM के तौर पर, मैंने हमेशा युवा पीढ़ी पर भरोसा किया है। आपकी काबिलियत, टैलेंट और एनर्जी मुझे भी एनर्जी देती है।
PM ने कहा कि आप सभी विकसित भारत के लक्ष्य की बागडोर संभाले हुए हैं। 2047 तक का सफर, जब हम आजादी के 100 साल पूरे करेंगे, भारत के लिए बहुत जरूरी है। यह वह समय है जो आपकी जिंदगी में भी सबसे जरूरी होगा। यह आपके लिए एक सुनहरा मौका है। आपकी काबिलियत भारत की काबिलियत बनेगी। आपकी कामयाबी भारत की कामयाबी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
क्रिएटिविटी से भरा है भारत का GenZ- मोदी
आज आपने जिन विषयों पर चर्चा की, खासकर महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास और लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी, ऐसे गंभीर विषयों पर आपने जो चर्चा की, वह तारीफ के काबिल है। कुछ देर पहले यहां आपकी प्रेजेंटेशन दिखाती है कि हमारी ‘अमृत पीढ़ी’ कैसे विकसित भारत बनाने के लिए कमिटेड है। इससे यह भी साफ होता है कि भारत में GenZ का मूड क्या है। भारत का GenZ क्रिएटिविटी से भरा हुआ है।
प्रधानमंत्री ने गिनाईं पुराने सिस्टम की खामियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने 2014 का जिक्र किया। उस समय, यहां बैठे ज्यादातर युवा 8-10 साल के रहे होंगे। आपने पॉलिसी पैरालिसिस का पुराना दौर नहीं देखा है जब उस समय की सरकार की आलोचना होती थी क्योंकि वह समय पर फैसले नहीं लेती थी। जो फैसले वे लेते थे, उन्हें ठीक से लागू नहीं किया जाता था। नियम-कानून ऐसे थे कि युवा कुछ नया करने के बारे में सोच भी नहीं सकते थे। देश के युवा परेशान थे। हालत ऐसी थी कि अगर आपको किसी परीक्षा या नौकरी के लिए अप्लाई करना होता था, तो अटेस्टेशन के लिए अफसरों और नेताओं के साइन मिलना मुश्किल होता था। आपको डिमांड ड्राफ़्ट के लिए बैंकों और पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ते थे। आजकल ये सब बहुत अजीब लगता है लेकिन एक दशक पहले ऐसा ही होता था।
उन्होंने कहा कि सोचिए अगर ड्रोन उड़ाने पर चौबीसों घंटे कई तरह की रोक होती, तो क्या होता? सच में यही हालत थी। पहले ड्रोन उड़ाना या बनाना कानूनों में उलझा हुआ था। लाइसेंस लेना पहाड़ चढ़ने जैसा था। इसे सिर्फ सुरक्षा के नजरिए से देखा जाता था। हमने नए कानून बनाए। हमने मौजूदा कानूनों को आसान बनाया। इसलिए, अब कई युवाओं के पास ड्रोन से जुड़े सेक्टर में आगे बढ़ने का मौका है। जंग के मैदान में ड्रोन दुश्मनों को हरा रहे हैं। खेती के सेक्टर में, नमो दीदी खेती के लिए ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही हैं।
With innovative ideas, energy and purpose, Yuva Shakti is at the forefront of nation-building. Addressing the concluding session of Viksit Bharat Young Leaders Dialogue.#YoungLeadersDialogue2026
https://t.co/EqpOuO20Fu— Narendra Modi (@narendramodi) January 12, 2026





