कृष्ण को नमाजी बताने वाले मौलाना को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिया तीखा जवाब, कहा – ‘यदि हम बोलेंगे तो खुजली होने लगेगी’

धीरेंद्र शास्त्री ने कृष्ण को नमाजी बताने वाले मौलाना को हैदराबाद में करारा जवाब दिया है। दरअसल उन्होंने 'अमर अकबर एंथनी' का उदाहरण देकर वंश खंगालने की चुनौती दी है।
कृष्ण को नमाजी बताने वाले मौलाना को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिया तीखा जवाब, कहा - 'यदि हम बोलेंगे तो खुजली होने लगेगी'

भगवान कृष्ण को पांच वक्त का नमाजी बताने वाले एक मुस्लिम मौलाना के बेतुके बयान पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तीखा पलटवार किया है। दरअसल अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले धीरेंद्र शास्त्री ने हैदराबाद की धरती से इस मौलाना को सीधे तौर पर ललकारा और उनके विवादित दावे पर अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया। इस बयान के बाद बाबा बागेश्वर का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था, जिसके बाद उन्होंने अपने चिर-परिचित आक्रामक तेवर में मौलाना को अपनी सीमा में रहने की सख्त हिदायत दे डाली है।

दरअसल बाबा बागेश्वर ने कड़क लहजे में स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी दूसरे धर्म के लोगों को हमारे हिंदू धर्म के देवी-देवताओं और भगवान के बारे में कुछ भी फालतू बोलने की रत्ती भर भी जरूरत नहीं है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि हम सनातनी पलटकर बोलने लगेंगे, तो तुम सभी को भयंकर खुजली होने लगेगी। यह बयान उनकी तरफ से एक खुली चुनौती के रूप में सामने आया है, जिसमें उन्होंने धार्मिक भावनाओं को आहत करने और अनावश्यक विवाद पैदा करने वालों को आगाह किया है। धीरेंद्र शास्त्री का यह रुख उन सभी के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो सनातन धर्म के आस्था स्थलों और आराध्यों पर टिप्पणी करते हैं।

मशहूर फिल्म ‘अमर अकबर एंथनी’ का हवाला दिया

अपने बयान को और अधिक धार देते हुए, बाबा बागेश्वर ने बॉलीवुड की एक मशहूर फिल्म ‘अमर अकबर एंथनी’ का हवाला देकर मौलाना के दावों की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने फिल्म का जिक्र करते हुए समझाया कि उस कहानी में भले ही उन तीनों भाइयों का अलग-अलग धर्म था और वे अलग-अलग मजहब में पले-बढ़े, लेकिन जब हकीकत सामने आई तो उनका बाप एक हिंदू ही निकला। शास्त्री ने इस उदाहरण के माध्यम से मौलाना को वंश और मूल के बारे में सोचने पर मजबूर करने की कोशिश की, यह दर्शाते हुए कि धर्म भले ही अलग हों, लेकिन रक्त संबंध और मूल पहचान एक ही रह सकती है।

अपने वंश का रिकॉर्ड देखने को कहा

दरअसल बाबा बागेश्वर ने मौलाना को खुले तौर पर ललकारा और उन्हें हिम्मत करने व उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद यानि प्रयागराज जाकर अपने वंश का रिकॉर्ड देखने को कहा। धीरेंद्र शास्त्री ने पूरे सस्पेंस से पर्दा उठाते हुए दावा किया कि अगर यह मौलाना अपनी पूर्व की पांचवीं पीढ़ी को भी टटोलेगा तो इसके पूर्वज पक्के हिंदू ही निकलेंगे। उन्होंने यह कहकर एक बार फिर अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज का परिचय दिया और मौलाना के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। यह चुनौती न केवल मौलाना के व्यक्तिगत इतिहास को खंगालने की थी, बल्कि यह भी संकेत था कि सनातन धर्म का मूल कितना गहरा और व्यापक है।

जानिए क्या है पूरा मामला?

दरअसल यह पूरा विवाद तब गरमाया जब एक मुस्लिम मौलाना ने सनातनी आस्था पर चोट करते हुए यह बेतुका दावा कर दिया था कि भगवान कृष्ण पांच वक्त के नमाजी थे। इस बयान के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद से ही हिंदू संगठनों और संतों में भारी आक्रोश था। इस बेतुके और भड़काऊ बयान ने धार्मिक भावनाओं को आहत किया और देशभर के हिंदू समुदायों में गहरी नाराजगी पैदा की। इसी आक्रोश का करारा और धमाकेदार जवाब अब बाबा बागेश्वर ने हैदराबाद के मंच से दिया है, जिसमें उन्होंने न केवल मौलाना के दावे को खारिज किया, बल्कि उन्हें भविष्य में ऐसी धार्मिक टिप्पणियों से दूर रहने की भी सख्त चेतावनी दी।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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