
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया में एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन सीईओ समिट में कहा कि वे भारत के साथ व्यापार समझौता कर रहे हैं। उन्होंने मलेशिया, कंबोडिया और जापान के साथ हाल ही में हस्ताक्षरित समझौतों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका दुनिया भर में पारस्परिकता के आधार पर व्यापारिक रिश्तों को संतुलित करने के लिए कई समझौते कर रहा है। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि दोनों के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं।
ट्रंप ने “आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है” पर जोर देते हुए वैश्विक व्यापार व्यवस्था को टूटा हुआ और सुधार की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि ये समझौते सभी के लिए जीत होंगे, क्योंकि स्थिर साझेदारियां ही दीर्घकालिक समस्याओं से बचाती हैं। हाल के हफ्तों में भारत-अमेरिका अधिकारियों के बीच व्यापार वार्ता फिर शुरू हुई है, जिसमें अमेरिकी सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच और ट्रंप के करीबी सहयोगी सर्जियो गोर की भारत यात्रा शामिल है।
भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर क्या कहा
ट्रंप ने मई में भारत-पाकिस्तान के बीच चार दिन चले संघर्ष को रोकने का दावा फिर दोहराया। उन्होंने कहा कि 250 प्रतिशत टैरिफ की धमकी देकर उन्होंने 48 घंटे में युद्ध रुकवाया और लाखों जानें बचाईं। उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ की, लेकिन भारत ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि युद्धविराम सिर्फ दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हुआ था।
फोन कॉल का भी किया जिक्र
ट्रंप ने मोदी और पाकिस्तानी नेताओं से कथित फोन कॉल का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने व्यापार समझौते को युद्ध से जोड़कर धमकी दी थी। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया कि 17 जून को मोदी-ट्रंप फोन कॉल में व्यापार या मध्यस्थता पर कोई चर्चा नहीं हुई। भारतीय पक्ष ट्रंप की निजी बातचीत को सार्वजनिक करने की शैली से चिंतित है, क्योंकि आमतौर पर ऐसे कॉल पर दोनों देश समन्वय करते हैं।
