
सांकेतिक तस्वीर
Sanhita Manch Playwriting Competition : हिंदी रंगमंच में नए नाटकों की कमी तमाम रंगकर्मियों को हमेशा खलती हैं। ऐसा लगता ही नहीं कि देश में बहुत अधिक नाटक लिखे जा रहे हैं। यदि लिखे जा रहे हैं तो संभवत: प्रकाशित नहीं हो रहे हैं। विभिन्न शहरों-कस्बों में लेखक तो नाटक लिखते हैं, लेकिन वे सामने आ नहीं पाते। जब तक लिखित नाटक रंगकर्मियों या नाटककारों के हाथों में नहीं पहुंचेंगे, तब तक वे रंगमंच पर भी नहीं पहुंचेंगे। इसी कमी को ख़त्म करने का बीड़ा उठाया हैं बीइंग एसोसिएशन, मुंबई ने।
इस समूह की शुरुआत दो राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के स्नातकों ने की है..मो. ज़ीशान अय्यूब, भारतीय फिल्म जगत के सम्मानित अभिनेता और रसिका अगाशे, एक प्रख्यात अभिनेता और निर्देशक जो मराठी के साथ-साथ हिंदी थिएटर में भी काम कर रही हैं। नए नाट्य लेखन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रंगकर्मियों के इस समूह ने 2017 में संहिता मंच का गठन कर नाट्य लेखन प्रतियोगिता का आयोजन शुरू किया और अपने पहले ही प्रयास में सराहनीय सफलता प्राप्त की है।
अब इस साल एक बार फिर संहिता मंच प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा हैं। इसमें शामिल होने के लिए सिर्फ हिंदुस्तान से ही नहीं बल्कि बाहर के अन्य देशों से भी नाटक आमंत्रित किए गए हैं। सभी लेखक एवं रंगकर्मी, जिनके पास ऐसे पूर्व में मंचित न हुए मौलिक नाटक हैं, वह फेसबुक पेज – ‘Sanhita Manch’ एवं इंस्टाग्राम पेज – ‘Being Association’ पर दिए गए गूगल फॉर्म के द्वारा अपने नाटक की संहिता अपलोड कर सकते हैं। सर्वश्रेष्ठ हिंदी नाटकों का चयन प्रख्यात रंगकर्मी पूर्वा नरेश, सपन सारन और अतुल तिवारी द्वारा किया जाएगा। मोहित टाकलकर और प्राजक्त देशमुख मराठी नाटकों का चयन करेंगे जबकि अंग्रेजी नाटकों की निर्णायक मण्डली में केवल अरोड़ा और क्वासार ठाकोर पदमसी मौजूद रहेंगे। रचना भेजने की अंतिम तारीख 30 जून 2023 है और इसके लिए पुरस्कारों की घोषणा 15 अगस्त 2023 को की जाएगी। प्रतियोगिता से जुड़े सवालों के लिए ईमेल sanhitamanch@gmail.com पर भी संपर्क किया जा सकता है।

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

