दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025 के नतीजे घोषित हो गए हैं। एबीवीपी ने इस बार भी दबदबा दिखाते हुए अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव का पद अपने नाम किया। वहीं एनएसयूआई के खाते में उपाध्यक्ष का पद गया। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के आर्यन मान ने जीत दर्ज की, जबकि सचिव पद कुणाल चौधरी और संयुक्त सचिव पद दीपिका झा ने अपने नाम किया। उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के राहुल झांसला ने जीत हासिल कर संगठन को राहत दी।
NSUI ने लगाया चुनाव में हेरफेर का आरोप
नतीजों के बाद एनएसयूआई अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि संगठन ने सिर्फ एबीवीपी ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, डीयू प्रशासन, आरएसएस-भाजपा और दिल्ली पुलिस की ताक़त के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इसके बावजूद हज़ारों छात्रों ने उनका साथ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में ईवीएम से छेड़छाड़ की गई और प्रोफेसरों का इस्तेमाल कर परिणाम प्रभावित करने की कोशिश की गई। चौधरी ने कहा कि एनएसयूआई हार-जीत से ऊपर उठकर हमेशा छात्रों के मुद्दों और डीयू को बचाने की लड़ाई लड़ती रहेगी।
मतगणना के दौरान रोमांचक मुकाबला
मतगणना के दौरान कई बार स्थिति बदलती रही। 18वें राउंड के बाद अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के आर्यन मान 13,662 वोटों की बढ़त बनाए हुए थे। वहीं उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के राहुल झांसला ने गोविंद तंवर को 5,897 वोटों से पछाड़ दिया। सचिव पद पर एबीवीपी के कुणाल चौधरी ने कबीर पर 6,993 वोटों से बढ़त बनाई, जबकि संयुक्त सचिव पर दीपिका झा 3,365 वोटों से आगे रहीं। नतीजों के ऐलान से पहले ही एबीवीपी नेताओं ने चारों सीटों पर जीत का दावा किया था, हालांकि उपाध्यक्ष पद एनएसयूआई के खाते में चला गया।
जीत-हार पर नेताओं की प्रतिक्रियाएं
एबीवीपी नेताओं ने चुनाव नतीजों को छात्रों के भरोसे की जीत बताया। दिल्ली सचिव सार्थक शर्मा ने कहा कि एबीवीपी पर छात्रों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। वहीं मौजूदा अध्यक्ष रौनक खत्री ने मतगणना में पिछड़ने के बावजूद जीत का दावा किया था, हालांकि बाद में एबीवीपी ने तीन सीटें जीतकर बढ़त कायम रखी। दूसरी ओर, राहुल झांसला की जीत पर एनएसयूआई समर्थकों ने जश्न मनाया। वरुण चौधरी ने उन्हें और सभी विजेताओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि संगठन आने वाले समय में और मज़बूत होकर आगे बढ़ेगा।





