प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस समय देश के कई नेताओं, अधिकारियों और उद्योगपतियों पर शिकंजा कस रहा है। वहीं 08 जनवरी 2026 गुरुवार को पश्चिम बंगाल में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC कोलकाता के प्रमुख प्रतीक जैन के घर और कार्यालय पर छापा मारा है। यह छापेमारी 2021 के कोयला तस्करी मामले के संबंध में की गई।
बता दें कि I-PAC अधिकारी के ठिकानों पर छापे की कार्रवाई से राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को लेकर ED और बीजेपी पर हमला बोला है। इतना ही नहीं उन्होंनें केंद्र पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया है। हालांकि मुख्यमंत्री के बयान के बाद ED और बीजेपी ने भी अपना जवाब दिया है।
मुख्यमंत्री ममता का अमित शाह पर हमला
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अगर अमित शाह को बंगाल जीतना है और उनमें हिम्मत है, तो उन्हें चुनाव के मैदान में उतरकर लड़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा, हमारी पार्टी के आईटी सेल पर छापा क्यों मारा गया और हमारे सारे कागज क्यों ले जाए गए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एक ऐसे एप के जरिये 94 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए, जो भरोसेमंद नहीं है। ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग जो कुछ भी कर रहा है, वह भाजपा के इशारे पर कर रहा है।
क्या यह लोकतंत्र की हत्या नहीं?- ममता बनर्जी
ममता बनर्जी का कहना है कि I-PAC कोई निजी संस्था नहीं है, बल्कि एआईटीसी द्वारा अधिकृत है और समझौते के तहत पार्टी के लिए काम करती है। ममता बनर्जी ने पूछा कि किसी भी समय किसी आईटी सेल से डाटा एकत्र करना क्या अपराध नहीं है और क्या यह लोकतंत्र की हत्या नहीं है। उन्होंने कहा कि वह वहीं इंतजार करेंगी, जब तक I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन आकर इस पूरे मामले को सुलझा नहीं देते।
ED ने ममता बनर्जी पर लगाए आरोप
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयानों के बाद ED ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। जांच एजेंसी ने सीएम ममता पर बड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। ED के अनुसार, कार्रवाई शांतिपूर्ण और पेशेवर तरीके से चल रही थी, लेकिन बाद में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के साथ वहां पहुंचीं।
आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतीक जैन के आवास में प्रवेश कर वहां से अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने साथ ले लिए। इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला I-PAC के कार्यालय पहुंचा, जहां से भी मुख्यमंत्री, उनके सहयोगियों और राज्य पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जबरन हटा लिए गए। ED का कहना है कि इन घटनाओं के कारण मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही जांच और कानूनी कार्रवाई में बाधा पहुंची है।
ED Headquarters Unit is conducting search action at 10 premises (6 in West Bengal and 4 in Delhi) under PMLA in connection with coal smuggling syndicate led by Anup Majee used to steal and illegally excavate coal from ECL leasehold areas of West Bengal. The search action was… pic.twitter.com/ab7PCReiJo
— ED (@dir_ed) January 8, 2026
ममता बनर्जी के बयान पर बंगाल बीजेपी का पलटवार
ED की कार्रवाई के बीच ममता बनर्जी द्वारा बीजेपी पर लगाए गए आरोपों और बयानों को लेकर भाजपा ने भी अपना जवाब प्रस्तुत किया है। पश्चिम बंगाल बीजेपी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी, पश्चिम बंगाल, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की चल रही सर्च के जवाब में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के बयानों पर ध्यान देती है। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट द्वारा ऑफिशियली दी गई जानकारी के आधार पर कुछ फैक्ट्स रिकॉर्ड में रखना जरूरी है।
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट के मुताबिक, ये सर्च सबूतों पर आधारित हैं और गैर-कानूनी कोयला तस्करी मामले के सिलसिले में किए जा रहे हैं। ED ने कहा है कि अभी 10 जगहों पर सर्च चल रही है, जिनमें से 6 पश्चिम बंगाल में और 4 दिल्ली में हैं। एजेंसी के मुताबिक, जिन जगहों पर सर्च किया जा रहा है, वे गैर-कानूनी कैश, हवाला ट्रांजैक्शन और इस मामले से होने वाले दूसरे क्राइम से जुड़े हैं।
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने आगे साफ किया है कि इस कार्रवाई के तहत किसी भी पॉलिटिकल पार्टी के ऑफिस की सर्च नहीं की गई है। एजेंसी ने यह भी कहा है कि सर्च का किसी चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है और यह मनी लॉन्ड्रिंग पर उसकी रूटीन और लगातार चल रही कार्रवाई का हिस्सा है। ED ने कहा है कि सर्च कानून के तहत तय कानूनी प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों के हिसाब से सख्ती से किए जा रहे हैं।
बंगाल बीजेपी अपनी लगातार और सैद्धांतिक बात दोहराती है कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों को आज़ादी से, प्रोफेशनल तरीके से और बिना किसी राजनीतिक दखल के काम करने देना चाहिए। कानून को अपना काम करने देना चाहिए, जो सिर्फ़ तथ्यों और सबूतों के आधार पर हो। कानूनी जांच प्रक्रियाओं का राजनीतिकरण करने या संवैधानिक अधिकारियों को कमज़ोर करने की कोई भी कोशिश सिर्फ़ संस्थाओं और कानून के राज में जनता का भरोसा कमज़ोर करती है।
The Bharatiya Janata Party, West Bengal, responds to the statements made by the Chief Minister of West Bengal regarding the ongoing searches being conducted by the Enforcement Directorate (ED). pic.twitter.com/uHJu2PDfxm
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) January 8, 2026
आखिर क्या है I-PAC?
I-PAC का पूरा नाम Indian Political Action Committee है। इसकी 2013 के आसपास चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और उनके सहयोगियों ने की थी। I-PAC एक कॉर्पोरेट कंपनी की तरह काम करती है, जहाँ छात्र और युवा पेशेवर (IIT/IIM जैसे संस्थानों से) राजनीति को नई दिशा देने के लिए काम करते हैं।
गौरतलब है कि यह छापेमारी कथित कोयला तस्करी मामले से जुड़ी जांच के सिलसिले में की जा रही है। ED की टीमें सुबह से ही अलग-अलग जगहों पर दस्तावेजों की जांच और पूछताछ में जुटी रहीं। पिछले कुछ सालों में इस मामले को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय रही हैं और कई बड़े नामों से पूछताछ हो चुकी है। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी से भी ED और CBI इस मामले में कई बार पूछताछ कर चुकी हैं।





