कर्मचारियों पेंशनरों का लंबा हुआ डीए और एरियर का इंतजार, बढ़ रही नाराजगी

कर्मचारियों का कहना है कि अगर सरकार 4 फीसदी डीए की किस्त भी जारी करती है तो क्लास फोर से क्लास वन के कर्मचारियों के हिस्से में औसतन 1 हजार से ₹8 हजार आएंगे, जिससे सरकार के खजाने पर करीब 550 करोड़ को बोझ पड़ेगा।
Employees news

HP DA/Arrears :महंगाई भत्ता और छठे वेतनमान का संशोधित एरियर ना मिलने के चलते हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों अधिकारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सीएम सुखविंदर सिंह सुख्खू इसको लेकर कोई ऐलान कर सकते है लेकिन ऐसा नहीं हुआ।हालांकि  75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को पेंशन एरियर का इस वित्त वर्ष में देने की  घोषणा की गई।

इधर, राज्य सरकार ने कर्मचारियों से डीए और एरियर भुगतान के लिए समय मांगा है। आज 21 अगस्त को हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ ने जरनल हाउस पहुंचकर सुख्खू सरकार के खिलाफअपना रोष प्रकट किया और डीए के साथ एरियर की मांग के साथ आगामी रणनीति तैयार की । कर्मचारियों का 12% डीए और संशोधित वेतनमान का एरियर वर्ष 2016 से पेंडिंग है।

कर्मचारियों में बढ़ रही नाराजगी

कर्मचारियों का कहना है कि एक जनवरी 2023 से DA लंबित है इसको लेकर 12 अगस्त को संघ ने CM से मुलाकात कर किस्त देने का आग्रह किया था, उम्मीद थी कि 15 अगस्त को इस संबंध में कोई ऐलान हो सकता है, लेकिन कोई भी जिक्र नहीं किया जिसके चलते कर्मचारी निराशा है।राजकीय अध्यापक संघ पंचरुखी ब्लॉक के पदाधिकारियों ने भी प्रदेश के कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर चिंता व्यक्त की है।

DA/Arrears के लिए करना होगा इंतजार

सीएम ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के कर्मचारियों से डीए व एरियर का भुगतान करने के लिए 7 से 8 महीने का समय मांगा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में धीरे -धीरे सुधार हो रहा है, जल्द सरकार कर्मचारियों को उनके डीए व एरियर दोनों का भुगतान करेगी। पूर्व भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था पटरी से उतरी है। 7 करोड़ रुपए का आयकर देने वाले जोगिन्द्रा बैंक को अपने कर्मचारियों को डीए व एरियर का भुगतान करना चाहिए।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews