दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे राजधानी के कुछ निचले इलाकों में पानी भर गया है। सबसे ज्यादा असर यमुना बाजार इलाके में देखा गया, जहां नदी का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और खुद पानी में उतरकर लोगों से बातचीत की।
यमुना बाजार में पानी का प्रवेश, लोग हुए परेशान
यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसका असर दिल्ली के यमुना बाजार इलाके में साफ नजर आ रहा है। यहां रिहायशी इलाकों में नदी का पानी घुस आया है, जिससे लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। कई घरों में पानी भर गया है और लोग अस्थायी ठिकानों की ओर जाने लगे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।
सीएम रेखा गुप्ता ने किया क्षेत्र का दौरा, पानी में उतरकर सुनीं लोगों की बातें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार (19 अगस्त) को यमुना बाजार इलाके का दौरा किया। उन्होंने खुद पानी में उतरकर लोगों से बात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा, “सुबह जलस्तर 206 मीटर को छूने वाला था, इसलिए यहां तक पानी आया है। अच्छी बात ये है कि पानी इससे आगे नहीं बढ़ा है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रशासन ने राहत और बचाव की पूरी तैयारी कर रखी है। लोगों को खाने-पीने का सामान, मेडिकल सुविधाएं और सोलर लाइट्स भी मुहैया कराई जा रही हैं।
सिर्फ निचले इलाकों में आया पानी, बाकी शहर सुरक्षित
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पानी सिर्फ निचले इलाकों में घुसा है और बाकी शहर में स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर है और कंट्रोल रूम लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे और दो-तीन दिनों में पानी उतरने की संभावना है। साथ ही, उन्होंने स्थानीय लोगों से सहयोग करने की अपील की ताकि राहत कार्य सुचारू रूप से चल सके।
सोमवार को हुई थी जलस्तर समीक्षा, बाढ़ प्रबंधन के निर्देश दिए गए
इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री प्रवेश वर्मा ने यमुना के जलस्तर की समीक्षा की थी। सीएम कार्यालय के अनुसार, उन्होंने यमुना घाट, असीता घाट, छठ घाट, 12 नंबर रेगुलेटर और कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। वहां अधिकारियों को बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और जनता की मदद के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए गए।





