‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बाद अब ‘इश्क करो पार्टी’ लॉन्च, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू ने किया गठन, अभिजीत दीपके को बताया ‘मूर्ख’

पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने 'इश्क करो पार्टी' का ऐलान कर दिया है। इसे सिर्फ प्रेम-संबंधों से जोड़ना गलत, यह देश की गंभीर समस्याओं का समाधान है।
Ishq Karo Party

देश के सियासी गलियारों में इन दिनों नए दलों की आहट सुनाई दे रही है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की चर्चाओं के बीच अब एक और नई राजनीतिक पहल ने दस्तक दी है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू ने ‘इश्क करो पार्टी’ (IKP) के गठन का ऐलान कर दिया है। वे इस नई पहल के संरक्षक भी हैं। इसके लिए उन्होंने देशव्यापी सदस्यता अभियान भी शुरू कर दिया है।

पूर्व जज काटजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर लोगों से इस मुहिम से जुड़ने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि जो भी लोग इस दल से जुड़ना चाहते हैं, वे इसकी आधिकारिक ईमेल आईडी ishqkaroparty@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं। यह ईमेल आईडी ही सदस्यता अभियान का मुख्य माध्यम बताया जा रहा है।

समाज की खाई पाटना है पार्टी का लक्ष्य: काटजू

काटजू ने साफ किया है कि कई लोग उनकी इस पहल को मजाक या सिर्फ लड़के-लड़कियों के बीच प्रेम संबंधों को बढ़ावा देने वाली ‘वैलेंटाइन डे’ जैसी मुहिम मान रहे हैं। हालांकि, उन्होंने ऐसी सोच को बिल्कुल गलत बताया है। काटजू के अनुसार, यह पार्टी देश की गंभीर समस्याओं से निपटने का एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रयास है। उनका दावा है कि ‘इश्क करो पार्टी’ का उद्देश्य सिर्फ सतही प्रेम को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त गहरी खाई को पाटना है।

देश में गरीबी, बेरोजगारी और बच्चों में कुपोषण जैसी गंभीर समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। इसके साथ ही, महंगी शिक्षा और खराब स्वास्थ्य सेवाएं भी आम जनता के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। महंगाई का लगातार बढ़ता बोझ भी लोगों की कमर तोड़ रहा है। काटजू का मानना है कि इन सभी समस्याओं को जनता की एकजुटता और एकता के बिना दूर करना असंभव है। वे कहते हैं कि जब तक लोग एक साथ नहीं आएंगे, तब तक इन जटिल समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सकता है।

आज हमारा समाज जाति और धर्म के नाम पर बुरी तरह बंटा हुआ है। राजनेता अपने निजी फायदे और वोट बैंक की राजनीति के लिए इस नफरत को लगातार बढ़ावा देते हैं। ‘इश्क करो पार्टी’ का मुख्य मकसद इसी नफरत को खत्म करना है। यह दल लोगों के बीच प्यार और एकता को बढ़ावा देने के लिए काम करेगा, जिससे समाज में सद्भाव और भाईचारा स्थापित हो सके। काटजू का मानना है कि प्रेम ही वह शक्ति है जो समाज को जोड़ने का काम कर सकती है।

काटजू ने अभिजीत दीपके को बताया मूर्ख

इसके साथ ही, काटजू ने अपनी पोस्ट में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके पर भी तीखा तंज कसा है। उन्होंने अभिजीत दीपके को मूर्ख बताया है। दरअसल, अभिजीत दीपके ने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ी के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी पुरजोर मांग की थी।

काटजू के अनुसार, अभिजीत दीपके के मूर्ख होने का प्रमाण इस बात से स्पष्ट होता है कि उनकी प्रमुख मांगों में से एक भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। काटजू ने सवाल उठाया है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे भी देते हैं, तो उनकी जगह कोई दूसरा मंत्री नियुक्त हो जाएगा। फिर इससे क्या फर्क पड़ेगा? उनका कहना है कि समस्या व्यक्ति विशेष में नहीं, बल्कि व्यवस्था में है और उसे बदलने के लिए गहरे और व्यापक प्रयास की जरूरत है। सिर्फ एक मंत्री के इस्तीफे से मूल समस्या का समाधान नहीं होगा। यह एक सतही मांग है जो जमीनी हकीकत से दूर है और वास्तविक परिवर्तन लाने में अक्षम है।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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