
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (President Vladimir Putin) दो दिवसीय भारत दौरे पर आए हुए हैं। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया फिर दोनों एक ही कार में बैठकर निकल गए। आज पुतिन के दौरे का दूसरा दिन है। रूसी प्रेसिडेंट का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
बता दें कि हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिकी शांति प्रस्ताव को लेकर भी बातचीत हुई है। पीएम मोदी और पुतिन के बीच हुई वार्ता में अहम समझौतों पर सहमति बनी है। भारत और रूस के बीच खाद्य, केमिकल, फर्टीलाइजर और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अहम समझौते हुए हैं। बता दें कि रूस-यूक्रेन जंग के बाद पुतिन का यह पहला भारत दौरा है। इससे पहले वो साल 2021 में भारत आए थे। पुतिन का यह भारत दौरा 6 दिसंबर 2021 को हुआ था।
भारत न्यूट्रल देश नहीं है- मोदी
हैदराबाद हाउस में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत न्यूट्रल देश नहीं है बल्कि वह शांति का पक्षधर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि पुतिन एक दूरदर्शी नेता हैं। भारत और रूस के बीच संबंध नई ऊंचाई पर है। भारत शांति के हर प्रयास का समर्थन करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 15 साल पहले 2010 में हमारी पार्टनरशिप को स्पेशल प्रिविलेज्ड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया था। पिछले ढाई दशकों से, उन्होंने (राष्ट्रपति पुतिन) अपनी लीडरशिप और विजन से इस रिश्ते को आगे बढ़ाया है। हर हाल में उनकी लीडरशिप ने हमारे रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मैं इस गहरी दोस्ती और भारत के प्रति पक्के कमिटमेंट के लिए अपने दोस्त, राष्ट्रपति पुतिन का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।
शिपबिल्डिंग को लेकर बोले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने कहा कि एनर्जी सिक्योरिटी भारत-रूस पार्टनरशिप का एक मजबूत और जरूरी पिलर रहा है। सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में हमारा दशकों पुराना सहयोग हमारी साझा क्लीन एनर्जी प्रायोरिटीज को पूरा करने में बहुत जरूरी रहा है। हम इस विन-विन सहयोग को जारी रखेंगे। जरूरी मिनरल्स में हमारा सहयोग दुनिया भर में सुरक्षित और डायवर्सिफाइड सप्लाई चेन पक्का करने के लिए बहुत जरूरी है। यह क्लीन एनर्जी, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और नए जमाने की इंडस्ट्रीज में हमारी पार्टनरशिप को मजबूत सपोर्ट देगा। शिपबिल्डिंग में हमारे गहरे सहयोग में मेक इन इंडिया को मजबूत करने की क्षमता है। यह हमारे विन-विन सहयोग का एक और बेहतरीन उदाहरण है जो नौकरियां, कौशल और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देगा।
यूक्रेन मुद्दे पर PM मोदी का बयान
यूक्रेन मुद्दे पर भी PM मोदी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने शुरू से ही शांति की वकालत की है। हम इस मामले के शांतिपूर्ण और पक्के समाधान के लिए की जा रही सभी कोशिशों का स्वागत करते हैं। भारत हमेशा अपना योगदान देने के लिए तैयार रहा है और भविष्य में भी रहेगा।
रूस के नागरिकों के लिए फ्री ई-टूरिस्ट वीजा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ एफटीए को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए 2030 तक के आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति बनी है। पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि भारत ने रूस के नागरिकों के लिए फ्री ई-टूरिस्ट वीजा शुरू करेगा जिसकी वैधता 30 दिनों के लिए होगी।
आतंकवाद के खिलाफ भारत-रूस एक साथ खड़े- PM
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और रूस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में लंबे समय से कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। चाहे पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर हुआ कायरतापूर्ण हमला, इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है। भारत का यह पक्का विश्वास है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ दुनिया भर की एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। UN, G20, BRICS, SCO और दूसरे मंचों पर भारत और रूस का करीबी सहयोग है। हम इन सभी मंचों पर अपनी बातचीत और सहयोग जारी रखेंगे।
पुतिन ने पीएम मोदी और द्रौपदी मुर्मू का किया धन्यवाद
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने कहा मैं भारत की प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू, भारत के प्राइम मिनिस्टर और हमारे सभी भारतीय साथियों को रूसी डेलीगेशन के गर्मजोशी और मेहमाननवाज़ी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं कल अपने घर पर डिनर के लिए PM मोदी को धन्यवाद देता हूं।
भारत को फ्यूल सप्लाई जारी रखेगा रूस- पुतिन
पुतिन ने भारत की धरती से अमेरिका को सीधा संदेश दे दिया है। उन्होंने कहा कि न तो रूस झुकेगा और न ही रुकेगा। वह भारत को फ्यूल सप्लाई जारी रखेगा। पुतिन ने कहा कि हमने सुरक्षा, अर्थव्यवस्था को लेकर किए कई समझौते किए हैं। सौ बिलियन डॉलर का आकड़ा व्यापार में 2030 तक जरूर पूरा होगा। पीएम मोदी ने आपसी व्यापार के लिए क्या दिक्कतें आ रही हैं इसको लेकर बहुत बड़ी एक सूची दी है। हम इस पर अपना ध्यान देंगे। रूस भारत को स्मॉल पोर्टेबल न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी देगा।
पुतिन ने कहा कि वह नियमित रूप से मोदी से फोन पर बात करते हैं और प्रमुख मुद्दों पर लगातार संवाद बनाए रखते हैं। रूस और भारत के दोनों नेताओं ने वार्ता के दौरान अपने बहुमुखी सहयोग के संपूर्ण स्पेक्ट्रम की विस्तार से जांच की। पुतिन ने परिणाम को समझौतों का एक ठोस पैकेज बताया, जो रूस-भारत सहयोग की व्यापकता को दर्शाता है। मॉस्को और नई दिल्ली के बीच हस्ताक्षरित समझौतों का उद्देश्य आर्थिक सहयोग का विस्तार करना है।
7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.
