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कर्मचारियों-पेंशनर्स का DA बढ़ा, 6 महीने का एरियर, कैबिनेट की मंजूरी, खाते में बढ़कर आएगी सैलरी

Written by:Pooja Khodani
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हेमंत सोरेन सरकार ने छठे वेतन आयोग का लाभ पा रहे सरकारी कर्मियों को देय महंगाई भत्ते में 6% की वृद्धि को मंजूरी दी गई है, जिसके बाद डीए 246% से बढ़कर 252% पहुंच गया है।
कर्मचारियों-पेंशनर्स का DA बढ़ा, 6 महीने का एरियर, कैबिनेट की मंजूरी, खाते में बढ़कर आएगी सैलरी

Jharkhand Employees DA Hike: झारखंड के सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों और पेंशनरों के लिए खुशखबरी है। राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने 7वें वेतन आयोग के बाद छठे वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों व पेंशनरों को सावन में बड़ा तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने राज्य कर्मियों व पेंशनरों का मंहगाई भत्ता 6 फीसदी बढ़ा दिया है। नई दरें जनवरी 2025 से लागू होंगी।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें सबसे अहम छठे वेतन आयोग का लाभ पा रहे सरकारी कर्मियों को देय महंगाई भत्ते में 6% की वृद्धि को मंजूरी दी गई है, जिसके बाद डीए 246% से बढ़कर 252% पहुंच गया है।इसके अलावा पेंशनधारियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (6th Pay Commission) तथा राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (5th Pay Commission) में भी वृद्धि की गई है।

एरियर का भी होगा भुगतान 

नई दरें जनवरी 2025 से लागू होंगी ऐसे में जनवरी से जून 2025 तक का एरियर भी दिया जाएगा। कैबिनेट बैठक के फैसले के बाद वित्त विभाग के आदेश जारी होंगे और फिर जुलाई में मिलने वाली सैलरी में बढ़े हुए डीए और एरियर का भुगतान किया जा सकता है, जो अगस्त में आएगी। इधर, कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय पेंशन स्कीम (एनपीएस) के तहत एकीकृत पेंशन योजना के संचालन की भी स्वीकृति प्रदान की गई।

मई में बढ़ा था 7वें वेतन आयोग वालों का डीए

इससे पहले मई में हुई हेमंत सोरेन कैबिनेट बैठक में 7वें वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों व पेंशनरों का मंहगाई भत्ता 2 फीसदी बढ़ाया गया था, जिसके बाद डीए 53 से बढ़कर 53 फीसदी पहुंच गया है।नई दरें जनवरी 2025 से लागू की गई। इस वृद्धि से राज्य के तीन लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिला।

 

Pooja Khodani
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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 9 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
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