
Employees NPS OPS Update : हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। कैबिनेट के फैसले के बाद राज्य में 1 अप्रैल 2023 से पुरानी पेंशन योजना लागू होने जा रही है। वही अप्रैल में एनपीएस का शेयर नहीं कटेगा। दूसरे शब्दों में कहें तो एनपीएस में सरकार और कर्मचारियों की ओर से जारी अंशदान 1 अप्रैल 2023 से बन्द हो जाएगा। वही कर्मचारियों को जल्द ओपीएस या एनपीएस में से कोई एक विकल्प चुनने का मौका दिया जाएगा। हालांकि अभी तक विकल्प नहीं मांगा गया है।
1 अप्रैल से ओपीएस का लाभ, जल्द मांगा जाएगा विकल्प
- दरअसल, बीते महीनों राज्य की सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhwinder Singh Sukhu) ने पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने का फैसला किया था। इसके तहत कर्मचारियों को 1 अप्रैल से ओपीएस का लाभ मिलेगा, वही 15 मई 2003 के बाद रिटायर्ड कर्मियों को भी ओपीएस पेंशन दी जाएगी।
- इस निर्णय से लगभग 1.36 लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे।इस फैसले से सरकार पर सालाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
- इतना ही नहीं भविष्य में जो नए कर्मचारी सरकारी सेवा में नियुक्त होंगे, वे पुरानी पेंशन व्यवस्था में आयेंगे। इन कर्मचारियों को जीपीएफ के अन्तर्गत भी लाया जाएगा तथा जिन एनपीएस कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति 15 मई, 2003 के उपरान्त हुई है, उनको भावी तिथि से ओपीएस पेंशन दी जाएगी।
- यदि कोई कर्मचारी एनपीएस के तहत शासित होना चाहते हैं तो वे अपनी सहमति एनपीएस में रहने के लिए सरकार को दे सकते हैं।
अप्रैल से नही कटेगा वेतन
वही एनपीएस में कर्मचारियों का शेयर मार्च के वेतन के लिए काट दिया गया है, लेकिन यह अप्रैल के वेतन से नहीं कटेगा, जो 1 मई को देय होगा। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल के बाद कर्मचारियों के वेतन से एनपीएस का हिस्सा कटना बंद होगा। हालांकि अभी तक सरकार ने इसके लिए कोई विकल्प नहीं मांगा है। एनपीएस को लागू करने के लिए सरकारी कर्मचारियों से अभी तक विकल्प नहीं मांगे गए हैं, जबकी सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा था कि ओपीएस को लागू करने के लिए कर्मचारियों से विकल्प मांगे जाएंगे। यानी जिस सरकारी कर्मचारी ने ओपीएस का लाभ नहीं लेना है, उनसे एनपीएस में बने रहने के लिए लिखकर देना होगा।
ओल्ड पेंशन स्कीम के फायदे
- OPS में सरकारी कर्मचारी के रिटायर होने के बाद आखिरी मूल वेतन और महंगाई भत्ते की आधी रकम बतौर पेंशन ताउम्र सरकार के राजकोष से दी जाती है।
- हर साल दो बार महंगाई भत्ता भी बढ़कर मिलता है,पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार के पेंशन दिए जाना भी ओपीएस में शामिल हैं।
- ओपीएस में पेंशन लेने वाले शख्स के 80 साल का होने पर मूल पेंशन में 20 फीसदी की वृद्धि होती है, इस तरह से
पेंशनधारक के 85 की उम्र में 30 फीसदी, 90 की उम्र में 40 फीसदी, 95 की उम्र में 50 फीसदी और 100 की उम्र होने पर 100 फीसदी बढ़ता है। - पेंशनधारक की उम्र 100 तक पहुंचने पर पेंशन की रकम दोगुनी हो जाती है।OPS में कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद 20 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी मिलती है।
- OPS में कर्मचारी के रिटायरमेंट पर GPF के ब्याज पर उसे किसी प्रकार का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।
- पुरानी पेंशन योजना ओपीएस में कर्मचारियों के लिए 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाता है।
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

