पुरानी पेंशन योजना पर बड़ी अपडेट, कर्मचारियों ने कमेटी को दिए ये सुझाव, मिल सकता है OPS का लाभ! अगली हफ्ते फिर बैठक

pensioners pension

Old pension Scheme : आगामी चुनावों से पहले देशभर में पुरानी पेंशन योजना की चर्चा जोरों पर है। एक तरफ झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश मेंं पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी गई है वही दूसरी तरफ कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश के बाद हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार इस पर विचार कर रही है, इसको लेकर आज 3 मार्च को कर्मचारी नेताओ के प्रतिनिमंडल की राज्य सरकार के साथ पहली मीटिंग खत्म हुई, जिसमें कई सुझाव रखें गए।

बैठक में कर्मचारियों ने रखें सुझाव

इस बैठक में राज्य सरकार की तरफ से गठित 3 अधिकारियों की कमेटी के सामने कर्मचारियो ने सुझाव रखे। वही मीटिंग के बाद कर्मचारियों ने कहा कि राज्य में हर हाल में ओपीएस लागू होनी चाहिए।संभावना जताई जा रही है कि ओपीएस को लेकर कर्मचारियों के प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए अगले हफ्ते फिर मीटिंग बुलाई जा सकती है, जिसमें कुछ बीच का रास्ता निकाला जा सकता है।  इस कमेटी के द्वारा कर्मचारियों से सुझाव लेने के बाद रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौपी जाएगी।

ओपीएस की मांग पर अड़े कर्मचारी

पेंशन बहाली संघर्ष समिति का कहना है कि ओपीएस लागू किया जाना चाहिए, ये हमने स्प्ष्ट कर दिया है। NPS कर्मचारियो को सोशल सिक्योरिटी प्रदान नहीं करती है। 5 मार्च को कर्मचारियो का राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली में है इसमें आंदोलन के आगे की रणनीति तय की जाएगी। अगर बातचीत के लिए बुलाएगी तो शामिल होंगे लेकिन ओपीएस लागू करना ही उनकी मांग रहेगी।

किसे मिलेगा पुरानी पेंशन योजना का लाभ

बता दे कि 2006 के बाद राज्य के विभिन्न विभागों में तैनात हुए 1.74 लाख कर्मचारी ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग कर रहे हैं, माना जा रहा है कि यदि ओपीएस पर सहमति बनती है तो प्रदेश के ऐसे कर्मचारी जो 1 जनवरी 2006 उसे पहले भर्ती हुए हैं, उन्हें पुरानी पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जा सकता है।

जानिए अबतक क्या-क्या हुआ

  1. बता दे कि बीते कई महीनों से राज्य के सरकारी कर्मचारियों ने ओपीएस को लेकर मनोहरलाल खट्टर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। बीते दिनों आक्रोशित कर्मचारियों को मनाने के लिए हरियाणा सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए इस मामले में मुख्य संजीव कौशल की अध्यक्षता में वित्त सचिव अनुराग रस्तोगी और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर की तीन सस्दसीय कमेटी बनाई थी।
  2. इसके साथ ही संघर्ष समिति की ओर से पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई। इन दोनों कमेटियों की आज 3 मार्च को चंडीगढ़ सचिवालय स्थित मुख्य सचिव कमेटी रूम में पहली बैठक की गई, जिसमें कर्मचारियों ने कई सुझाव रखें।
  3. इसके बाद समिति का बयान भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 3 मार्च को बैठक में अगर पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सहमति नहीं बनी तो उसी दिन से आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
  4. समिति ने 3 मार्च को ही अपने जिला और राज्य कार्यकारिणी की बैठक भी चंडीगढ़ में बुलाई है। सरकार के फैसले के बाद ही वह कोई निर्णय लेंगे। उन्हें कोई बीच का रास्ता नहीं, बल्कि ओपीएस चाहिए।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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