कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, NPS व UPS पर नया अपडेट, निवेश के 2 विकल्प और जोड़े गए, जानें डिटेल्स

उम्र बढ़ने के साथ इक्विटी निवेश स्वचालित रूप से घटता है।55 वर्ष की आयु तक एलसी75 के लिए 15% और बीएलसी के लिए 35% - सेवानिवृत्ति के करीब आने पर बड़े बाजार उतार-चढ़ाव के खिलाफ सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
Pension

Unified Pension Scheme 2025 : केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। महंगाई भत्ता वृद्धि के बाद अब केन्द्र की मोदी सरकार ने कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) दोनों के तहत एलसी75 और बीएलसी जैसे निवेश विकल्पों के विस्तार को मंजूरी दी है। इन विकल्पों का उद्देश्य रिटायरमेंट प्लानिंग में लचीलापन बढ़ाना और कर्मचारियों को अपने निवेश को अपनी पसंद और जोखिम क्षमता के अनुसार प्रबंधित करने की आजादी देना है।बता दे कि देश में अप्रैल 2025 से यूपीएस पेंशन लागू है और यूनिफाइड पेंशन स्कीम ऑप्शन चुनने अंतिम तारीख 30 नवंबर 2025 तक है।

एनपीएस और यूपीएस के तहत ये निवेश विकल्प चुन सकेंगे

  • डिफॉल्ट विकल्प: पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा समय-समय पर निर्धारित किया गया निवेश पैटर्न।
  • स्कीम जी: कम जोखिम और निश्चित रिटर्न के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में 100% निवेश।
  • LC-25: अधिकतम इक्विटी आवंटन 25%, 35 से 55 वर्ष की आयु तक धीरे-धीरे कम होता जाता है।
  • LC-50: अधिकतम 50% इक्विटी निवेश, जो 35 से 55 की आयु तक धीरे-धीरे कम होता जाता है।
  • BLC (संतुलित जीवन चक्र): एलसी-50 का संशोधित संस्करण, जिससे कर्मचारी चाहें तो लंबी अवधि तक इक्विटी में निवेशित रह सकते हैं।
  • LC-75: अधिकतम 75% इक्विटी निवेश, जो 35 से 55 वर्ष की आयु तक धीरे-धीरे घटता है।

ये प्रमुख लाभ प्राप्त होंगे

  • अधिक लचीलापन और विकल्प: कर्मचारी अपनी जोखिम क्षमता और रिटायरमेंट लक्ष्यों के अनुसार उपयुक्त विकल्प चुन सकते हैं।
  • ग्लाइड पाथ मैकेनिज्म: उम्र बढ़ने के साथ इक्विटी निवेश स्वचालित रूप से घटता है-55 वर्ष की आयु तक एलसी75 के लिए 15% और बीएलसी के लिए 35% – सेवानिवृत्ति के करीब आने पर बड़े बाजार उतार-चढ़ाव के खिलाफ सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
  • विस्तृत ऑटो चॉइस विकल्प: ये फंड सेवानिवृत्ति योजना के लिए अधिक विविध विकल्प प्रदान करते हैं, जो कर्मचारियों की विभिन्न जोखिम-वापसी प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।
  • सुविचारित रिटायरमेंट प्लानिंग: कर्मचारी अपने जोखिम और लाभ के संतुलन के अनुसार अपनी सेवानिवृत्ति बचत को बेहतर ढंग से संरचित कर सकते हैं।

UPS में मिलते है ये प्रमुख लाभ

  • Assured Pension: 25 वर्ष की न्यूनतम अर्हक सेवा के लिए सेवानिवृत्ति से पहले अंतिम 12 महीनों में प्राप्त औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत। यह वेतन न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि तक कम सेवा अवधि के लिए आनुपातिक होगा।
  • Assured Family Pension: कर्मचारी की मृत्यु से ठीक पहले उसकी पेंशन का 60 प्रतिशत।
  • Assured Minimum Pension: न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति पर 10,000 रुपये प्रति माह।
  • Inflation Index: सुनिश्चित पेंशन पर, सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन पर और सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन पर।औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एआईसीपीई-आईडब्ल्यू) के आधार पर महंगाई राहत।सैन्य कर्मचारियों के मामले में सेवानिवृत्ति के समय ग्रेच्युटी के अतिरिक्त एकमुश्त भुगतान, सेवा के प्रत्येक पूर्ण छह महीने के लिए, सेवानिवृत्ति की तिथि पर मासिक परिलब्धियों (वेतन + डीए) का 1/10वां हिस्सा,इस भुगतान से सुनिश्चित पेंशन की धनराशि कम नहीं होगी।
  • Gratuity: यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) में शामिल सभी सरकारी कर्मचारी केंद्रीय सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) के तहत मिलने वाले रिटायरमेंट और डेथ ग्रेच्युटी बेनिफिट के हकदार होंगे। यूपीएस के तहत आने वाले केंद्र सरकार के पहले यह लाभ केवल OPS वाले कर्मचारियों को ही मिलता था। सेवा के दौरान कर्मचारी की मौत, विकलांगता या अमान्यता की स्थिति में अब UPS कर्मचारी भी OPS के समान लाभ प्राप्त कर सकेंगे, इसके लिए उन्हें अपने सेवा रिकॉर्ड में विकल्प देना होगा।

NPS में किस तरह मिलता है लाभ

  • NPS एक कंट्रीब्यूटरी स्कीम है, इसके तहत सरकारी कर्मचारी को अपनी पेंशन में मूल वेतन का 10 फीसदी देना होता है और इसमें राज्य सरकार केवल 14% का ही योगदान देती है।
  • एनपीएस में कर्मचारी को रिटायरमेंट के समय 60% राशि मिलती है। बाकी 40% राशि से पेंशन बनती है।
  • NPS में रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी का कोई स्थायी प्रावधान नहीं है।न्यू पेंशन स्कीम (NPS) में 6 महीने के उपरांत मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू नहीं होता है।
  • नई पेंशन स्कीम के तहत सेवानिवृत्ति पर पेंशन पाने के लिए एनपीएस फंड का 40 फीसदी निवेश करना होता है।सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती।एनपीएस शेयर बाजार पर आधारित है। इसमें महंगाई भत्ते का प्रावधान शामिल नहीं है।
  • NPS में सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को कुल वेतन का 50 फीसदी पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है।नई पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट पर शेयर बाजार के अनुसार जो भी पैसा मिलेगा,आपको उसपर टैक्स देना होता है।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews