कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर, इन नियमों में संशोधन ,अब इस तरह मिलेगा लाभ

70 साल से अधिक उम्र वाले लाभार्थियों को CGHS के पैनल में शामिल हॉस्पिटल के स्पेशलिस्ट से परामर्श लेने के लिए रेफरल की आवश्यकता नहीं होगी।
employes news

Central Employees News : महंगाई भत्ता वृद्धि से पहले केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए गुड न्यूज आई है। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य योजना (CGHS) के लाभार्थियों को कुछ रोगों के इलाज के लिए नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों के बाद सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कंसल्टेशन, जांच और इलाज की सर्विस बेहतर हो जाएगी।इससे पहले सरकार ने साल 2008 और 2014 और 2018 में गाइडलाइनों में बदलाव किया था।

केन्द्र सरकार ने 24 सितंबर 2024 को ऑफिस मेमोरेंडम (OM) जारी किया है, जिसमें सरकार ने CGHS के पुराने नियम को बदलकर नए नियम के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेस (SOP) जारी किया। CGHS के संशोधित नियमों के अनुसार इमरजेंसी स्थिति में कार्डधारकों को रेफरल की जरूरत नहीं होगी, इस परिस्थिति में कार्डधारक सीधे कैशलेस इलाज करा सकेंगे और AIIMS या टाटा मेमोरियल सहित सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों में सेवाओं तक पहुंच सकते हैं।

अब इस तरह मिलेगा लाभ

  • CGHS वेलनेस सेंटर से एक सिंगल रेफरल 3 महीने के लिए वैध होगा, जिससे लाभार्थियों को 3विशेषज्ञों से परामर्श करने की अनुमति मिलेगी,  इस अवधि के दौरान अधिकतम छह परामर्श की अनुमति है।
  • इमरजेंसी केस में स्वास्थ्य सेवा संगठनों (एचसीओ) को CGHS से रेफरल या अप्रूवल नहीं लेना पड़ेगा। वे ट्रीटमेंट करने वाले पैनलबद्ध अस्पताल विशेषज्ञ की ओर जारी इमरजेंसी सर्टिफिकेट के आधार पर पात्र लाभार्थियों को कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा ले सकेंगे।
  • 70 साल से अधिक उम्र वाले लाभार्थियों को CGHS के पैनल में शामिल हॉस्पिटल के स्पेशलिस्ट से परामर्श लेने के लिए रेफरल की आवश्यकता नहीं होगी, हालांकि नॉन लिस्टेड हॉस्पिटल में किसी परामर्श या जांच के लिए CGHS अधिकारियों से मंजूरी लेनी पड़ेगी

एलटीसी में भी बदलाव, जानें पात्रता और नियम

  • इससे पहले केन्द्र की मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पूर्वोत्तर क्षेत्र और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की यात्रा करने के लिए अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) सुविधा को दो वर्षों तक बढ़ाने का फैसला किया था।अब सरकारी कर्मचारी जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर क्षेत्र की हवाई यात्रा 25 सितंबर 2026 तक कर सकेंगे।
  • केन्द्र सरकार के पात्र अधिकारी व कर्मचारी अपने गृह नगर के लिए मिलने वाली LTC के बदले में जम्मू एवं कश्मीर, पूर्वोत्तर क्षेत्र, लद्दाख और अंडमान एवं निकोबार की यात्रा कर सकते हैं।गैर पात्र सरकारी कर्मचारियों भी इस सुविधा का लाभ ले सकते है, वे अपने मुख्यालय से इकोनॉमी क्लास में जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर, लद्दाख, और अंडमान निकोबार की हवाई यात्रा कर सकते हैं।
  • ऐसे सरकारी कर्मचारी, जिनका होम टाउन और मुख्यालय/तैनाती स्थल समान है, उन्हें यह सुविधा नहीं मिलेगी।वे सरकारी कर्मचारी, जिनका होम टाउन, पूर्वोत्तर, लद्दाख, जम्मू कश्मीर और अंडमान निकोबार में है, उन्हें होम टाउन NTC के कन्वर्जन की सुविधा मिलेगी। उन्हें अपने होम टाउन को छोड़कर बाकी तीन क्षेत्रों में LTC यात्रा की अनुमति रहेगी।
  • नए भर्ती हुए कर्मचारी 4 साल के ब्लॉक पीरियड में 3 होम टाउन LTC में से एक होम टाउन LTC का कन्वर्जन करा सकते हैं। इसके अलावा एक अतिरिक्त होम टाउन कन्वर्जन LTC और 4 साल के ब्लॉक पीरियड में वे जम्मू कश्मीर और लद्दाख की यात्रा कर सकते हैं।कर्मचारियों को मान्य ट्रैवल एजेंटों से टिकट बुक करना होगा और सर्वोत्तम उपलब्ध किराए का चयन करना होगा।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews