कर्मचारियों-प्रोफेसरों के लिए अच्छी खबर, रिटायरमेंट एज 65 किए जाने और नए वेतनमान पर अपडेट, जानें कब मिलेगा लाभ?

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चंडीगढ़, डेस्क रिपोर्ट। पंजाब यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों- प्रोफेसरों के लिए अच्छी खबर है। रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष किए जाने और यूजीसी  पे स्केल पर नई अपडेट सामने आई है। पूरा मामला अब गृहमंत्री अमित शाह के पास पहुंच गया है।इधर, 30 जुलाई को अमित शाह चंडीगढ़ दौरे पर आ रहे है, ऐसे में पंजाब यूनिवर्सिटी के शिक्षकों और कर्मचारियों के मुद्दे पर चर्चा की जा सकती है।

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दरअसल, हाल ही में पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन की ओर एक मांग पत्र केंद्र सरकार के पास भेजा गया था,वही हाल ही में सांसद किरण खेर भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने पीयू शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 60 से 65 किए जाने और पीयू में भी यूजीसी स्केल लागू किए जाने की मांग को रख चुकी हैं।इसके बाद से ही इस पर तेजी से मंथन चल रहा है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में केंद्र सरकार कोई बीच का रास्ता निकालने में जुटी है, लेकिन पीयू के सेंट्रल स्टेटस नहीं दिए जाने की वजह से कुछ तकनीकी कारणों से मामला लटका हुआ है।हालांकि इस पूरे मामले में केंद्र सरकार की ओर से कुछ जानकारी और सुझाव भी मांगे गए हैं।

इधर, 30 जुलाई को अमित शाह चंडीगढ़ दौरे पर आ रहे है,ऐसे में पंजाब यूनिवर्सिटी के शिक्षकों और कर्मचारियों के मुद्दों पर चर्चा के लिए गृह मंत्री से मुलाकात को लेकर समय मांगा गया है। पीयू प्रोफेसर की रिटायरमेंट उम्र कालेज शिक्षकों के बराबर होनी चाहिए। अगर जल्द ही रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने पर फैसला नहीं हुआ तो अगले पांच महीने में 20 से 25 सीनियर प्रोफेसर रिटायर हो जाएंगे। वही पीयू में शिक्षकों की नई भर्ती को लेकर भी अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।

इधर,पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने भी एजेंडे में चुनाव जीतने पर शिक्षकों की मांगों को पूरा करने का वादा किया था और पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी विधानसभा में सातवां पे स्केल देने की घोषणा तो की लेकिन इस पर अबतक कोई हल नहीं निकला है।

ये है पूरा मामला

दरअसल, लंबे समय से पंजाब यूनिवर्सिटी द्वारा सेंट्रल यूनिवर्सिटी स्टेटस दिए जाने की मांग की जा रही है। इसके लिए पीयू प्रोफेसरों द्वारा कई बार हस्ताक्षर अभियान चलाकर कुलपति को सौंपा गया था, ताकी इसकी मंजूरी मिलते ही रिटायरमेंट की उम्र भी बढ़ाई जा सके।वही प्रोफेसर्स की रिटायरमेंट उम्र बढाने का प्रस्ताव 2011 में सीनेट ने पास कर MHRD को भेजा था, लेकिन कोई फैसला नहीं लिया गया क्योंकि सीनेट का प्रस्ताव, मंत्रालय में पीयू में सेंट्रल सर्विसेस रूल्स को लेकर भी एकमत नहीं है।

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इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंच गया । फिलहाल प्रोफेसर्स की रिटायरमेंट उम्र 60 से 65 किए जाने का मामला पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में लंबित है, जिस पर 30 अगस्त को सुनवाई होनी है, इसमें केंद्र सरकार पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने पर अपना पक्ष रखेगी, इसके बाद ही अंतिम फैसला हो पाएगा, अगर यहां से भी 2022 अंत तक राहत नहीं मिली तो 2022 में कई प्रोफेसर्स 62 में ही रिटायर हो जाएंगे।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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