कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, जल्द होगा भत्ते-बकाया का भुगतान, रेलवे बोर्ड को भेजा पत्र, जानें अपडेट

कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, जल्द होगा भत्ते-बकाया का भुगतान, रेलवे बोर्ड को भेजा पत्र, जानें अपडेट

Railway Employees Pending Salary : दक्षिण पूर्व रेलवे में कार्यरत कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। ओवरटाइम के बकाया के भुगतान को लेकर इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेल कर्मचारियों के लंबित यात्रा भत्ता (टीए) ओवरटाइम (ओटी) व कम्पाउंड ट्रांसफर ग्रांट (सीटीजी) का दिसंबर तक भुगतान कर दिया जाएगा, इस संबंध में रेलवे को पत्र भी भेजा जा चुका है।

दिसंबर तक होगा भुगतान 

दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, हाल ही में मेंस कांग्रेस, चक्रधरपुर मंडल के संयोजक शशि मिश्रा ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा से मुलाकात की थी और कर्मचारी हित के सात बिंदुओं पर एक ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने जीएम को बताया था कि 18 महीने से कर्मचारियों की राशि बकाया है, जबकी वे ओवरटाइम कर रहे है, रनिंग कर्मचारी औसतन 12 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं लेकिन गार्ड लाबी में बैठे अधिकारी क्रू मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) में मैनुअली कर्मचारियों के काम के घंटे दो से चार घंटे काट दे रहे हैं, ताकि उनका ओवरटाइम काटा जा सके।

उन्होंने बताया कि जब कर्मचारी अपना पूरा काम कर रहे हैं तो उन्हें पूरा मेहनताना मिलना चाहिए, लेकिन अबतक उनको इसका लाभ नहीं मिल रहा है, इस पर जीएम ने बताया कि रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा जा चुका है, दिसंबर तक भत्तों और बकाया का भुगतान कर दिया जाएगा।

यूनियन ने डीएम से ये भी की मांग

मेंस यूनियन ने महाप्रबंधक से रेलवे कालोनियों का भी निरीक्षण करने का आग्रह किया, इस पर महाप्रबंधक ने आश्वासन दिया कि वे जब भी चक्रधरपुर मंडल आएंगे, रेल कालोनियों का निरीक्षण जरूर करेंगे। वहीं जीएम ने आश्वासन देते हुए कहा कि सभी कर्मचारियों के लंबित टीए,ओटी और सीटीजी का भुगतान दिसंबर माह तक कर दिया जाएगा। इसके लिए रेलवे बोर्ड को पत्र भेजा चुका है।इस दौरान यूनियन ने जिरूली व सरडिहा सहित अन्य साइडिंग में कर्मचारियों के लिए क्वार्टर निर्माण की मांग की और अन्य मांगों पर भी विचार करने को कहा।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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