Central Employees Gratuity: केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर है। केंद्र सरकार ने ग्रेच्युटी भुगतान पर एक स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि 25 लाख रुपये की बढ़ी हुई ग्रेच्युटी सीमा केवल केंद्रीय सिविल सेवा नियम, 2021 के तहत आने वाले सिविल सेवकों पर लागू होगी। यह सीमा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य संस्थानों के कर्मचारियों पर लागू नहीं होगी।इस बदलाव से केंद्रीय कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय अधिक वित्तीय सुरक्षा मिलेगी, जबकि अन्य कर्मचारियों को अपने संस्थानों के नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा।
जानें किन कर्मचारियों को मिलेगी 25 लाख की ग्रेच्युटी?
दरअसल, हाल ही में लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने एक आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि केवल वे केंद्र सरकार के लोक सेवक जो केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 या केंद्रीय सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत ग्रेच्युटी भुगतान) नियम, 2021 के अंतर्गत आते हैं, उन्हें अधिकतम 25 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी मिलेगी।सभी संस्थानों या कर्मचारियों पर लागू नहीं होगी जैसे कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU), बैंकों, बंदरगाह ट्रस्टों, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), स्वायत्त संस्थानों, विश्वविद्यालयों, राज्य सरकारों या समाजों से जुड़े कर्मचारियों के कर्मचारी।ये नियम सोसाइटियों, बैंकों, बंदरगाह ट्रस्टों, आरबीआई, पीएसयू, स्वायत्त निकायों, विश्वविद्यालयों और राज्य सरकारों आदि पर लागू नहीं होते
मई 2024 में बढ़ाई गई थी ग्रेच्युटी की लिमिट
बता दे कि केन्द्र सरकार ने मई 2024 में ग्रेच्युटी की सीमा को बढ़ाने के संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था ।इसमें अधिकतम सीमा को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का फैसला लिया गया था।यह वृद्धि एक जनवरी 2024 से प्रभावी की गई । यह बढ़ोतरी उस समय की गई जब महंगाई भत्ता केंद्रीय कर्मचारियों के मूल वेतन का 50 प्रतिशत किया गया था।चुंकी नियमों के अनुसार, जब भी डीए 50% तक पहुंचता है, तो सभी भत्तों में 25% की वृद्धि की जाती है। उसी क्रम में केन्द्र सरकार ने सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी की सीमा में भी वृद्धि की थी।
आदेश की प्रमुख बिन्दु
- पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर डिपार्टमेंट के आदेश में कहा गया है कि RTI या अन्य जरिए लोग जानना चाहते हैं कि क्या CCS (Pension) Rules के तहत ग्रेच्युटी का भुगतान सोसाइटी, बैंक, पोर्ट ट्रस्ट, RBI, PSU, ऑटोनॉमस संस्थान, विश्वविद्यालय या राज्य सरकारों पर लागू होता है और अगर नहीं, तो इन संस्थानों के नियम कौन से हैं।
- DoPPW केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स के लिए नोडल विभाग है, जो CCS (Pension) Rules, 2021 और CCS (Payment of Gratuity under NPS) Rules, 2021 के तहत नियम बनाता है। ये नियम सोसाइटी, बैंक, पोर्ट ट्रस्ट, RBI, PSU, ऑटोनॉमस संस्थान, विश्वविद्यालय और राज्य सरकारों पर लागू नहीं होते है। अगर किसी को यह जानना है कि इन संस्थानों पर कौन से नियम लागू हैं, तो सीधे संबंधित संगठन या प्रशासनिक मंत्रालय/विभाग से संपर्क करना चाहिए.
जानिए क्या होता है ग्रेच्युटी
- ग्रेच्युटी, कर्मचारियों को ग्रेच्युटी एक्ट के तहत रिटायरमेंट पर दिया जाने वाला एक लाभ है। किसी भी कंपनी में लगातार 5 साल काम करने पर कर्मचारी को ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाता है।
- अपने पद से त्यागपत्र देने पर या सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के बाद कर्मचारियों को ग्रेच्युटी आर्थिक सहायता के तौर पर दी जाती है।
- सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों के परिवार को आर्थिक सहायता मिलेगी, ताकि भविष्य में उन्हें किसी समस्या का सामना ना करना पड़े।
- पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के तहत जिस भी कंपनी में 10 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं उसे अपने कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ देना होता है।
- आमतौर पर यह पैसा तब मिलता है जब वो कर्मचारी नौकरी छोड़ता है या फिर वह रिटायर होता है।
कंपनी में कार्य करते समय अगर कर्मचारी की मौत हो जाती है तो ग्रेच्युटी की रकम नॉमिनी को मिलती है। यहां 5 साल का नियम लागू नहीं होता है।






