कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर, ग्रेच्युटी के नियम में बदलाव, कैबिनेट की मंजूरी, अब इस तरह मिलेगा लाभ

salary news

Gratuity Rules Changed : होली से पहले केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) ने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। 4 फीसदी DA और 3 फीसदी HRA बढ़ाने के साथ ही मोदी सरकार ने ग्रेच्युटी के नियमों में भी बदलाव किया है। सरकार द्वारा कर्मचारियो को मिलने वाली ग्रेच्युटी की लिमिट में बढ़ोतरी की गई है। ग्रैच्युटी के लिए टैक्स फ्री लिमिट को बढ़ाकर अब 25 लाख रुपए कर दिया है। अब इस अमाउंट तक ग्रैच्युटी होने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे लाखों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

Gratuity के इन नियमों में हुआ बदलाव

दरअसल, हाल ही में पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंदीय कैबिनेट बैठक में ग्रेच्युटी (Gratuity) की टैक्स फ्री लिमिट में बढ़ोतरी की गई है। पहले ये लिमिट 20 लाख रुपये थी जिसे अब बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है। ऐसे में अब 25 लाख रु. तक की अमाउंट वाली ग्रेच्युटी पर कोई टैक्स (Tax) नहीं लगेगा।बता दे कि इससे पहले  मार्च 2019 में टैक्स फ्री ग्रैच्युटी लिमिट को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए किया गया था।

जानिए क्या होता है ग्रेच्युटी

  • ग्रेच्युटी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी एक्ट के तहत रिटायरमेंट पर दिया जाने वाला एक लाभ है। किसी भी कंपनी में लगातार 5 साल काम करने पर कर्मचारी को ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाता है।
  • ये लाभ कंपनी की ओर से कर्मचारी को उसके द्वारा लगातार 5 साल सर्विस करने के रिवॉर्ड के रूप में दी जाती है।
  • पेमेंट ऑफ ग्रेच्‍युटी एक्‍ट, 1972 के तहत जिस भी कंपनी में 10 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं उसे अपने कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ देना होता है।
  • आमतौर पर यह पैसा तब मिलता है जब वो कर्मचारी नौकरी छोड़ता है या फिर वह रिटायर होता है। वहीं, अगर कर्मचारी के साथ किसी तरह की दुर्घटना हो जाती है तो उस स्थिति में नॉमिनी को ग्रेच्युटी दी जाती है।
  • अगर आपने किसी कंपनी में 4 साल 8 महीने काम किया है तो भी आप ग्रेच्युटी के हकदार होंगे।आपके नोटिस पीरियड को भी कार्यदिवस में गिना जाता है। इस कारण नोटिस पीरियड को ग्रेच्युटी के लिए काउंट किया जाता है।
  • ग्रेच्युटी सरकारी के साथ निजी कंपनी के कर्मचारियों को भी दी जाती है। कंपनी में कार्य करते समय अगर कर्मचारी की मौत हो जाती है तो ग्रेच्युटी की रकम नॉमिनी को मिलती है। यहां 5 साल का नियम लागू नहीं होता है।
  • ग्रेच्युटी कैलकुलेट करने का फॉर्मूला = (अंतिम सैलरी) x (15/26) x (कंपनी में कितने साल काम किया।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews