गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने की PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात, इंडियन यूजर्स के लिए किया खास फीचर्स का ऐलान

गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने की PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात, इंडियन यूजर्स के लिए किया खास फीचर्स का ऐलान

Sundar Pichai Meets PM Narendra Modi: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 दिसंबर,सोमवार को मुलाकात की। जिसकी खुशी उन्होनें ट्विटर के जरिए जताई है। उन्होनें पीएम मोदी के लिए कहा कि, ” आपके नेतृत्व में टेक्नोलॉजी बहुत तेजी से बदल रही है जिसके देखना प्रेरणादायक है। हमारी मजबूत पार्ट्नर्शिप को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर है।” पिचाई ने भारत द्वारा की जा रही जी20 की अध्यक्षता का भी समर्थन किया।

सोमवार को गूगल के सबसे बड़े ईवेंट “गूगल फॉर इंडिया 2022” का आयोजन हुआ। इस दौरान सुंदर पिचाई ने कई प्रोजेक्ट्स और फीचर्स की घोषणा की। साथ ही कई बदलाव का ऐलान भी किया है। इस दौरान सूचना और तकनीक मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे। Google के अपने डिजिटल पेमेंट एप के लिए एक बया सेक्योरिटी फीचर लॉन्च किया है, ट्रांजैक्शन की जानकारी मिलेगी।

साथ ही प्रोजेक्ट “वाणी” की घोषणा भी की है। इसे आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की मदद इस AI। ML मॉडल बनाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा डिजिटल डॉक्यूमेंट्स एप डीजीलॉकर में भी अपडेट करते हुए गूगल शेयरिंग एप फाइल्स के लिए इन्टीग्रेट किया गया है। ईवेंट के दौरान पिचाई ने कहा कि भारत में एग्रीकल्चर को एक नई दिशा देने के लिए रिमोट सेन्सिंग क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए कंपनी ने एक मॉडल भी तैयार किया गया। इसके तहत कृषि क्षेत्र से जुड़े काम बड़े पैमाने पर हो पाएंगे। इतना ही नहीं गूगल फिलहाल यूट्यूब कॉर्सेस को लॉन्च करने की तैयारी में है।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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