सरकार ने कहा-‘घर में बने मास्क पहनें’, कपड़े से ऐसे करें तैयार

सरकार ने कहा-‘घर में बने मास्क पहनें’, कपड़े से ऐसे करें तैयार

नई दिल्ली| देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना का प्रकोप चिंताजनक बना हुआ है| इस महामारी के खिलाफ सारा देश लड़ाई लड़ रहा है| ऐसे में मास्क की मांग बहुत बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के 11वें दिन शनिवार को एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से कपड़े से घर में बनाए हुए मास्क पहनने को कहा।

लॉक डाउन के चलते बाजार में दुकाने बंद होने और मांग ज्यादा होने की वजह से मास्क महंगे हो गए हैं। ऐसे में सरकार ने कहा है कि लोग अपने घर में ही फिर से धोए जा सकने वाले मास्क बनाकर पहने। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि वो खुद ही घर पर मास्क बनाएं और इसके लिए तरीका भी बताया है।

एजवाइजरी के मुताबिक, घर में बने मास्क पहनने से बड़े पैमाने पर लोगों को संक्रमण से बचाया जा सकेगा। घर से निकलते वक्त लोग कपड़े से घर में बने मास्क जरूर पहनें। कुछ देशों में इस तरह के मास्क इस्तेमाल से फायदा भी मिला है। मंत्रालय ने एडवायजरी में मास्क बनाने की पूरी प्रक्रिया भी बताई है। इसमें बताया गया है कि एक कपड़े, सुई-धागे और मशीन की मदद से आप कैसे घर में ही मास्क बना सकते हैं।

पढ़िए मास्क बनाने का तरीका

– मशीन से मास्क बनाने के लिए सबसे पहले आपको कपड़ा, धागा, कपड़े की चार स्ट्रिप और मशीन की जरूरत होगी।

बड़ों के लिए मास्क बनाना है तो इसके लिए कॉटन का कपड़ा लें। इसे 9 इंच बाय 7 इंच के साइज में काटें। बच्चों के लिए 7 इंच बाय 5 इंच के साइज में काटें

पाइपिंग और बांधने के लिए चार स्ट्रिप दैयार कर लें इसके लिए अपने या बच्चे के चेहरे का पूरा साइज लें।

– स्ट्रिप के लिए 1.5 इंच बाय 5 इंच के दो पीस और 1.5 इंच बाय 50 इंच के हों

– कटा हुआ कपड़ा लें और इसमें 1.5 इंच बाय 5 इंच वाली स्ट्रिप पाइपिंग की तरह यूज करें। इससे पहले उस कपड़े में डेढ़ इंच की तीन स्टेप्स बना लें।

इसके बाद इसमें बाजार के मास्क की तरह छोटी पाइपिंग साइड में और ऊपर नीचे लगा हैं। इसके बाद 40 इंच की बड़ी स्ट्रिप तैयार करें जिन्हें ऊपर और नीचे लगा दें ताकि बांधने में आसानी हो।

– तैयार हो गया आपका मास्क जिसे आप यूज कर सकते हैं।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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