देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों जैसे IIT, IIM, NIT और AIIMS में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के कर्मचारियों की संख्या और खाली पड़े आरक्षित पदों को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में विस्तृत जानकारी दी है। शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन संस्थानों में भर्ती के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
लोकसभा में सांसद मनोज कुमार ने सरकार से केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य बड़े संस्थानों में आरक्षित वर्गों के कर्मचारियों की संख्या और खाली पदों पर सवाल पूछा था। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि इन रिक्तियों को भरने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
संस्थान स्वायत्त, मंत्रालय का सीधा दखल नहीं
सांसद के सवाल पर शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थान संसद के कानून के तहत स्थापित स्वायत्त निकाय हैं। उन्होंने कहा कि फैकल्टी और नॉन-फैकल्टी पदों पर नियुक्ति का अधिकार संबंधित संस्थान के बोर्ड या प्रबंधन समिति के पास होता है और शिक्षा मंत्रालय इसमें सीधे हस्तक्षेप नहीं करता है।
मंत्री ने कहा, “पद खाली होना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है, जो रिटायरमेंट, इस्तीफे, प्रमोशन और नए संस्थानों के बनने जैसे कारणों से होती रहती है। इन्हें भरना संस्थानों की ही जिम्मेदारी है।”
मिशन मोड में भर्ती अभियान जारी
डॉ. मजूमदार ने बताया कि सरकार ने 9 जुलाई 2019 को केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक संवर्ग के लिए आरक्षण कानून लागू किया था। इसके तहत SC के लिए 15%, ST के लिए 7.5%, OBC के लिए 27% और EWS के लिए 10% पद आरक्षित हैं।
उन्होंने बताया कि योग्य उम्मीदवारों को आकर्षित करने के लिए साल भर विज्ञापन जारी किए जाते हैं। इसके अलावा, विशेष भर्ती अभियान और मिशन मोड में भर्तियां की जा रही हैं। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए UGC ने ‘CU-CHAYAN’ नाम का एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है। सरकार ने अगस्त 2021 और सितंबर 2022 समेत कई मौकों पर संस्थानों को बैकलॉग रिक्तियों को मिशन मोड में भरने का निर्देश दिया। इन प्रयासों के तहत लगभग 29,979 पद भरे गए, जिनमें 17,494 शिक्षक पद शामिल हैं।
AIIMS दिल्ली में आरक्षित पदों की स्थिति
सरकार ने AIIMS से जुड़ी जानकारी भी सदन में रखी। बताया गया कि AIIMS दिल्ली में कुल 781 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से 118 शिक्षक SC वर्ग से, 40 ST वर्ग से और 168 OBC वर्ग से हैं। सरकार का कहना है कि सभी केंद्रीय संस्थानों में आरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।





