अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले उत्पादों पर टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का ऐलान किया है। इस व्यापारिक फैसले पर भारत में सियासत तेज हो गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिकी दबाव के आगे झुकने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरकार हार मान ली है और यह कोई ‘फादर ऑफ ऑल डील्स’ नहीं है।
‘PM मोदी दबाव में, आखिरकार हार मान ली’
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी किसी खास वजह से राष्ट्रपति ट्रंप के सामने स्पष्ट रूप से दबाव में दिखते हैं। उन्होंने कहा कि अब तो प्रधानमंत्री, ट्रंप के साथ दिखने में भी असहज महसूस करते हैं, जबकि पहले गर्मजोशी से गले मिलते थे।
“ऐसा प्रतीत होता है कि पीएम मोदी ने अंततः हार मान ली है। यह निश्चित रूप से फादर ऑफ ऑल डील्स नहीं हो सकता। वॉशिंगटन में साफ तौर पर मोगैम्बो खुश है।” — जयराम रमेश, कांग्रेस महासचिव
He announced the halt of Op Sindoor from Washington DC.
He announced the updates on India’s oil purchases from Russia and Venezuela from Washington.
He’s now announced an India-US Trade Deal from Washington, the full details of which are awaited,
President Trump clearly seems…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) February 2, 2026
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी रूस से तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका-वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने के लिए सहमत हो गए हैं।
‘ट्रंप-निर्भरता’ पर कसा तंज
जयराम रमेश ने इस बात पर भी सवाल उठाए कि भारत सरकार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां अमेरिकी अधिकारियों द्वारा क्यों दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत की जानकारी भी भारत में अमेरिकी राजदूत सार्जिया गोर ने दी, न कि भारत सरकार ने।
उन्होंने इसे ‘ट्रंप-निर्भरता’ करार देते हुए कहा, “लगता है कि यह अब नियमित हो गया है कि भारत को अपनी सरकार के कार्यों के बारे में केवल राष्ट्रपति ट्रंप या उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधियों से ही पता चलता है।”
रमेश ने याद दिलाया कि इससे पहले भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत की तेल खरीद से जुड़े अपडेट ट्रंप ने वॉशिंगटन से ही घोषित किए थे। कांग्रेस के इस हमले ने भारत-अमेरिका के बीच हुए इस व्यापारिक समझौते पर एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।





