केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- संसद के बाहर चाय-पकौड़े खाकर भारत को कर रहे बदनाम

असम के गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन के तरीके की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि संसद के दरवाजे पर चाय-पकौड़े खाना भारत को दुनिया में बदनाम करने जैसा है।
Amit Shah in Assam

गुवाहाटी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके विरोध प्रदर्शन के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए हैं। असम के गुवाहाटी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि संसद के बाहर बैठकर चाय-पकौड़े खाना लोकतांत्रिक तरीका नहीं है और यह भारत को विश्व स्तर पर बदनाम करने की कोशिश है।

अमित शाह ने राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है और उसके द्वार पर इस तरह का व्यवहार अशोभनीय है। शाह ने इसे विपक्ष द्वारा भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास बताया।

‘चाय-पकौड़े खाकर देश को बदनाम किया’

गृह मंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “कभी-कभी वह (राहुल गांधी) संसद के दरवाजे पर बैठकर चाय और पकौड़े खाते हैं। क्या उन्हें यह एहसास नहीं है कि नाश्ता करने के लिए सही जगह कौन सी है?” उन्होंने आगे कहा कि विरोध प्रदर्शन करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कांग्रेस नेता इससे भी दो कदम आगे निकल गए हैं।

“आप चाय और पकौड़े खा रहे हैं। यह पूरी दुनिया में भारत को बदनाम करने जैसा है। आज इस मंच से मैं उन दोनों घटनाओं की कड़ी निंदा करना चाहता हूं, जो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के इशारे पर और संसद में उनकी अपनी भागीदारी के साथ हुईं।”- अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री

शाह ने कहा कि देश का कोई भी नागरिक इस तरह की हरकतों का समर्थन नहीं करेगा। उन्होंने विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने का भी आरोप लगाया।

असम में नौकरी पर बोले शाह

अमित शाह ने असम में बीजेपी सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने युवाओं को दी गई नौकरियों पर बोलते हुए कहा कि राज्य में बिना किसी घूस या सिफारिश के 1 लाख 65 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने सवाल किया, “युवाओं को जो नौकरी मिली है, किसी को क्या 25 पैसे का भी घूस देना पड़ा है क्या? बिना पर्ची, बिना खर्ची एक लाख 65 हजार युवाओं को हमारी सरकार ने नौकरी दी, जिस पर एक भी कोर्ट केस नहीं हुआ है।” उन्होंने कहा कि यह बीजेपी के सरकार चलाने के तरीके का एक नमूना है।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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