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बेटियों की हार लोकतंत्र की जीत कैसे हो सकती है? सीएम रेखा गुप्ता ने विपक्ष को घेरा, कांग्रेस की नीयत पर उठाए सवाल

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने इस बिल का विरोध करके देश के सामने एक बार फिर अपना असली चेहरा दिखा दिया है। रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्ष को बताना चाहिए कि बेटियों की हार लोकतंत्र की जीत कैसे हो सकती है?
बेटियों की हार लोकतंत्र की जीत कैसे हो सकती है? सीएम रेखा गुप्ता ने विपक्ष को घेरा, कांग्रेस की नीयत पर उठाए सवाल

देश में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े बिल गिरने के बाद भाजपा लगातार विपक्ष पर हमला बोल रही है। रविवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के 78 साल बाद भी बेटियों को उनके पूरे अधिकार नहीं मिल पाए हैं और जो लोग ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा देते थे, वो ही अब मैदान छोड़कर भाग निकले हैं।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने नारी शक्ति वंदन का विरोध करके अपना असली चेहरा दिखा दिया है। कांग्रेस और उसके साथियों ने कभी भी महिलाओं के अधिकारिता को स्वीकार नहीं किया। वे संसद और विधानसभा में मातृशक्ति की भागीदारी से घबराते हैं।

सीएम ने कहा कि जिन पार्टियों ने दशकों तक बहनों को उनके अधिकारों से वंचित रखा, वे अब भ्रम फैलाने की नाकाम कोशिश कर रही हैं। देश की महिलाएं अब जाग चुकी हैं, वह लोकतंत्र की ताकत से अपमान का जवाब देंगी। हम यह पक्का करेंगे कि बहनों को उनके अधिकार मिलें। महिलाओं के सम्मान, महिलाओं की सुरक्षा और महिलाओं के आत्म-सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की नीयत पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिल्कुल सही कहा है कि यह कांग्रेस पार्टी ऑल इंडिया एंटी-रिफॉर्म कांग्रेस है। जब भी देश में कोई सुधार आया है, उन्होंने उसका विरोध किया है। रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि विपक्ष मुस्लिम महिलाओं का सबसे बड़ा हितैषी होने का दावा करता है। लेकिन जब तीन तलाक कानून आया, तो उसने इसका विरोध क्यों किया? और जब शाहबानो केस में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था, तो कांग्रेस ने कानून बनाकर उस फैसले को क्यों पलट दिया? तब मुस्लिम महिलाओं के प्रति आपकी संवेदनाएं कहां थीं? आज जब हम कोटा के अंदर कोटा की बात करते हैं, तो हमें बताएं, जब आपके पास मौका था, तो आपने क्या किया?

बेटियों की हार कैसे लोकतंत्र की जीत?- रेखा गुप्ता

रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्ष को बताना चाहिए कि बेटियों की हार लोकतंत्र की जीत कैसे हो सकती है? देश की महिलाएं हारी हैं, उनका सम्मान और स्वाभिमान खो गया है। विपक्ष इसे लोकतंत्र की जीत कैसे कह सकता है? लोहा जितना गरम होता है, उतना ही मजबूत होता है। सोना जितनी आग में तपता है, उतना ही ज्यादा चमकता है। ये औरतें, देश की बेटियां, वो चमकता हुआ सोना हैं, वो पिघला हुआ लोहा हैं, और वे अपनी जगह बनाएंगी, अपनी लड़ाई लड़ेंगी, और इस लड़ाई में, हमें खुशी है कि प्रधानमंत्री देश की बेटियों के साथ खड़े हैं।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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