Video: कीचड़ से नहाये भाजपा सांसद बोले- ‘कोरोना से बचना है तो शंख बजाएं’

Video: कीचड़ से नहाये भाजपा सांसद बोले- ‘कोरोना से बचना है तो शंख बजाएं’

जयपुर, डेस्क रिपोर्ट

देश ही नहीं दुनिया भर के लोग कोरोना वायरस से परेशान हैं| सभी बड़े देश इसकी वैक्सीन बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं| इस बीच भाजपा सांसद ने कोरोना को भगाने का नुस्खा बताया है| राजस्थान के टोंक सवाई माधोपुर से बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने कोरोना को हराने के लिए एक नया दावा किया है। सांसद सुखबीर ने कहा है कि शंख बजाएं और प्रकृति के नजदीक रहें, बारिश में भीगे, धूप में चलें। ये करेंगे तो कोरोना कभी नहीं होगा।

उनका एक वीडियो इन दिनों वायरल हो रहा है, जिसमे वो इस तरह का दावा कर रहे हैं। वीडियो में सांसद कीचड़ में नहाते और शंख बजाते दिख रहे हैं। वीडियो में वह यह भी कह रहे हैं कि कोरोना जिस दिन शुरू हुआ था उसी दिन मैंने कहा था कि अपनी इम्युनिटी बढ़ाइए। ये दवाई खाने से नहीं बढ़ेगी। आपको प्राकृतिक तरीके से इम्युनिटी मिलेगी। आप घूमने जाइए, बारिश में जाइए, मिट्टी में बैठिए। साथ ही खेत में काम करें, पैदल घूमें और शंख बजाएं। इन चीजों से इम्युनिटी बढ़ती है। दवाई खाने की जरूरत बिल्कुल नहीं है।

इससे पहले भाजपा सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया ने सवाई माधोपुर जिला चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सकों एवं अन्य नर्सिंगकर्मियों को धरती का भगवान बताते हुए उनके पैर छूए। वहीं दूसरी तरफ हनुमानगढ़ में पुलिसकर्मियों का पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया था।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews