जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव! सांसदों ने हस्ताक्षर कर लोकसभा स्पीकर को सौंपा ज्ञापन

जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग वाला कदम तब उठाया गया जब उनके दिल्ली स्थित सरकारी निवास पर 15 मार्च 2025 को 500 रुपये के अधजले नोटों का एक संदिग्ध बंडल पाए जाने का आरोप सामने आया।
Impeachment motion against Justice Verma

सरकारी आवास में अधजला कैश मिलने के मामले में मुश्किलों का सामना कर रहे जस्टिस यशवंत वर्मा की मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं, आज मानसून सत्र के पहले ही दिन सांसदों ने इस पर हंगामा किया और जस्टिस वर्मा पर कार्यवाही की मांग की, सांसदों ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए एक ज्ञापन लोकसभा स्पीकर को सौंप दिया, बताया जा रहा है कि इस ज्ञापन पर भाजपा और विपक्षी दलों के करीब 150 सांसदों ने हस्ताक्षर किये हैं ।

संसद के पहले दिन की कार्यवाही आज हंगामेदार रही , विपक्ष ने अपनी बात रखनी चाही उधर लोकसभा स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए तय बिन्दुओं पर ही चर्चा की समझाइश दी जिसपर विपक्ष ने हंगामा किया, इस दौरान सदन की कार्यवाही को स्थगित भी करना पड़ा।

ज्ञापन पर सभी दलों के करीब 150 सांसदों के हस्ताक्षर!   

उधर जस्टिस वर्मा को हटाने के मामले में सभी सांसद एकमत दिखाई दिए, उनके खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया जिसपर भाजपा, कांग्रेस सहित कई कई दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किये, दस्तखत करने वाले सांसदों की संख्या 150 के करीब बताई जा रही है।

महाभियोग चलाने लोकसभा स्पीकर को सौंपा ज्ञापन 

महाभियोग चलाने के प्रस्ताव वाला एक ज्ञापन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपा। यह प्रस्ताव भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 218 के तहत दायर किया गया है। प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले सांसदों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अलावा भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, रविशंकर प्रसाद, राजीव प्रताप रूड़ी के अलावा पीपी चौधरी, सुप्रिया सुले और केसी वेणुगोपाल आदि के नाम बताये जा रहे हैं।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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