
Railway Employees News : रेल कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 18000 से बढ़कर 32 हजार 500 रुपये मिले, इसके लिए नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भेजा है।बता दे कि रेलवे में स्केल-1 से 16 तक देश भर में 12 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
न्यूनतम वेतन 32000 से ज्यादा करने की मांग
नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन (एनएफआइआर) ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि 2016 से अब तक जिस अनुपात में महंगाई दर में वृद्धि हो रही है, ऐसे में रेलवे के प्रारंभिक चरण में ग्रुप-डी में कार्यरत कर्मचारियों को भी उसी के अनुसार वेतन दिया जाना चाहिए। वही उन्होंने ग्रुप-डी में कर्मचारियों के वेतन अनुपात के आधार पर सभी स्केल में कार्यरत कर्मचारियों का वेतन भी इसी अनुपात में बढ़ाने की मांग की है।
दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, पत्र के माध्यम से NFIR ने बताया है कि वर्तमान में कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार है, जिसके बढ़ाकर 32500 रुपये करना चाहिए। वही उन्होंने आगे पत्र में जिक्र किया है कि वर्तमान में रेल कर्मचारियों को 46 फीसदी डीए का लाभ मिल रहा है और अगले साल 2024 यह 46 फीसदी से बढ़कर 50 प्रतिशत होने की उम्मीद है, ऐसे में न्यूनतम वेतन में भी वृद्धि होने चाहिए। हालांकि जोनल सचिव एनएफआइआर के जोनल महासचिव की मानें तो वेतन आयोग ने पूर्व में अनुशंसा की थी कि यदि कर्मचारियों का डीए 50 प्रतिशत तक पहुंचता है तो वह वर्तमान बेसिक पे से जुड़ जाएगा और डीए शून्य हो जाएगा। NFIR ने आयोग की अनुशंसा के आधार बढ़े महंगाई के अनुपात में कर्मचारियों के वेतन वृद्धि करने की मांग की है।
नए साल में 3 से 4% तक सकता है महंगाई भत्ता
दरअसल, केन्द्र सरकार द्वारा साल में दो बार जनवरी और जुलाई में कर्मचारियों-पेंशनरों के DA/DR की दरों में संशोधन किया जाता है, जो की AICPI इंडेक्स के छमाही के आंकड़ों पर निर्भर करता है।अगला डीए साल 2024 में रिवाइज होगा, जो जुलाई से दिसंबर 2023 के AICPI इंडेक्स के आंकड़ों पर निर्भर करेगा।सितंबर तक आए AICPI इंडेक्स के आंकड़ों से कयास लगाए जा रहे है कि नए साल में डीए 50% या इससे पार हो सकता है हालांकि अभी अक्टूबर नवंबर और दिसंबर महीने के आंकड़े जारी होने बाकी है।
अगर दिसंबर तक डीए स्कोर बढ़कर 50 फीसदी तक पहुंचता है तो डीए में फिर 4% वृद्धि होना तय है, हालांकि ऐसी स्थिति में कर्मियों की सैलरी रिवाइज होगी क्योंकि केन्द्र सरकार ने 7TH Pay Commission का गठन के साथ ही DA के रिविजन के नियमों को तय किया था कि डीए 50% होने पर शून्य हो जाएगा, 50% डीए को मौजूदा बेसिक सैलरी में जोड़कर दिया जाएगा और डीए की गणना शून्य से शुरू होगी, ऐसे में नए वेतन आयोग के लागू होने की भी संभावनाएं बनती नजर आ रही है या फिर सैलरी के लिए कोई नया फॉर्मूला लाया जा सकता है, फिलहाल इस पर कुछ भी कहना उचित नहीं होगा ,क्योंकि इस पर अंतिम फैसला तो केन्द्र सरकार को ही लेना है।
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

