राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर, 5 दिन के अंदर पूरा कर लें ये काम, वरना राशन मिलना हो जाएगा बंद!

Ration Card Holder News: सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अब केवल उन्हीं लाभार्थियों को राशन दिया जाएगा, जिनकी ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।
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अगर आप ओडिशा या बिहार के राशन कार्ड धारक हैं, तो यह खबर आपके काम की है। दोनों राज्यों की सरकारों ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य कर दिया है। यदि आपने तय समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो नए साल से मुफ्त राशन का लाभ मिलना बंद हो जाएगा। इसके साथ ही राशन कार्ड निरस्त/ब्लॉक किया जा सकता है। बता दें कि ई-केवाईसी यह एक डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें सत्यापन FPS पर बायोमेट्रिक से या राज्य पोर्टल पर OTP से (जहां उपलब्ध) किया जा सकता है।

ओडिशा में ई-केवाईसी की आखिरी तारीख है 31 दिसंबर

  • ओडिशा खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग (Food Supplies & Consumer Welfare Department, Odisha) ने राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी सत्यापन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। जिन्होंने अभी तक अनिवार्य प्रक्रिया पूरी नहीं की है, वे तय समय में पूरी कर लें, अन्यथा परेशानी हो सकती है।
  • बीते दिनों विधानसभा में खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र ने एक लिखित जवाब में जानकारी देते हुए बताया था कि ई-केवाईसी अभियान के दौरान 6,83,995 मृत व्यक्तियों के नाम सक्रिय लाभार्थियों की सूची में पाए गए। इसके साथ ही 33,128 अपात्र राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं।
  • विभाग ने सभी राशन कार्डधारकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूरा लें। राज्य भर की सभी 11,827 उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) पर ई-केवाईसी की प्रक्रिया चल रही है। 314 ब्लॉक कार्यालय और 64 उप-मंडल कार्यालय राशन कार्ड प्रबंधन केंद्रों के रूप में कार्यरत हैं।

जानिए क्या है बिहार में ई-केवाईसी की आखिरी तारीख

  • खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार ने ई-केवाईसी की आखिरी तारीख 30 दिसंबर 2025 तक की गई है। साथ ही सभी लाभार्थियों से तय सीमा में अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी कराने को कहा है। जिन लाभुकों का आधार से सत्यापन पूरा नहीं होगा, उन्हें आगे चलकर राशन मिलने में दिक्कत हो सकती है।
  • बता दें कि वर्तमान में अंत्योदय एवं सामान्य श्रेणी के लाभुकों के लिए 1:4 के अनुपात में खाद्यान्न उपलब्ध होता है लेकिन जनवरी 2026 से 2: 3 अनुपात से राशन वितरित किया जाएगा। इसमें अन्त्योदय अन्न योजना (AAY) से आच्छादित लाभुकों को प्रति परिवार 35 किलो खाद्यान्न (14 किलो गेहूं एवं 21 किलो चावल) तथा पूर्विकताप्राप्त गृहस्थी (PHH) से आच्छादित लाभुकों को प्रति व्यक्ति प्रति लाभुक 05 किलो खाद्यान्न (2 किलो गेहूं एवं 3 किलो चावल) दिया जाएगा। बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न वितरण चक्र में खाद्यान्न अनुमान्यता के संबंध में परिवर्तन किया है।

राशन कार्ड धारकों के लिए क्यों जरूरी है e-KYC

  • केन्द्र सरकार के निर्देश के बाद सभी राज्य सरकारों ने राशन का लाभ लेने वाले पात्र लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (Electronic Know Your Customer) अनिवार्य कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी राशन कार्ड को खत्म करना हैं, ताकि पात्रों को राशन का लाभ मिल सकें।
  • अक्सर देखा गया है कि राशन कार्ड में उन लोगों के नाम भी चलते रहते हैं या बने हुए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या पात्र नहीं है। इस प्रक्रिया के जरिए अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से काट दिए जाते हैं।
  • ​ ई-केवाईसी के लिए आधार और बायोमेट्रिक्स (अंगूठे का निशान या चेहरा) की जरूरत होती है। इसमें प्रत्येक राशन कार्ड सदस्य को अपना नाम, जन्मतिथि आदि का मिलान अपने आधार डाटा के साथ करवाना होता है।

राशन कार्ड e-KYC ऑनलाइन कैसे कर सकते हैं

  • अपने राज्य की आधिकारिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) वेबसाइट खोलें, क्योंकि हर राज्य का अपना अलग ई-केवाईसी प्लेटफॉर्म है।
  • होमपेज पर सेवाओं या राशन कार्ड मेनू में आपको “राशन कार्ड के लिए ई-केवाईसी” सेगमेंट या इसी तरह का ऑप्‍शन द‍िखेगा। उस पर जाएं।
  • अपना राशन कार्ड नंबर और आधार नंबर (परिवार के मुखिया या संबंधित सदस्य का) यहां दर्ज करें।
  • अपने आधार अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर का इस्‍तेमाल करें। वेर‍िफ‍िकेशन पूरा करने के लिए अपने फोन पर भेजा गया ओटीपी दर्ज करें।
  • ड‍िटेल दर्ज करने के बाद, आपको अपने ई-केवाईसी के पूरा होने वाला एक मैसेज म‍िलेगा और आपकी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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