केदारनाथ मंदिर के पास एक बार फिर हुआ हिमस्खलन, पढ़ें पूरी खबर

केदारनाथ मंदिर के पास एक बार फिर हुआ हिमस्खलन, पढ़ें पूरी खबर

देहरादून, डेस्क रिपोर्ट | उत्तराखंड के केदारनाथ में 9 दिन के भीतर एक बार फिर हिमस्खलन देखने को मिला। बता दें कि यहां बड़ा बर्फ का टुकड़ा पिघल कर नीचे की ओर गिरा। यह मंजर इतना खतरनाक था यह अपने आसपास के कुछ इलाकों को अपनी चपेट में ले सकता था। फिलहाल, हिमस्खलन से मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। साथ ही जान-माल पर किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। जिसकी सूचना बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने दी। बता दें कि मंदिर में दर्शन करने आए सैलानियों ने इस घटना को अपने कैमरे में कैद कर लिया और इसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है।

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वहीं, ANI NEWS एजेंसी ने इसका वीडियो ट्वीटर पर शेयर किया है। जिसमें लिखा है कि, “हिमालय क्षेत्र में आज सुबह हिमस्खलन हुआ। हिमस्खलन से केदारनाथ मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है: श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, उत्तराखंड।”

केदारनाथ के पास यह नौ दिनों के भीतर ऐसी घटना दूसरी बार घटी है। इससे पहले 23 सितंबर को मंदिर से करीब 5 किमी पीछे बने चौराबाड़ी ग्लेशियर में हिमस्खलन हुआ था। हालांकि, दोनों बार ही किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई थी लेकिन बार-बार ऐसी घटना का होना चिंता का विषय है। ग्लेशियर पिघलने की मुख्य वजह वातावरण में बदलाव है।

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दरअसल, पृथ्वी का तापमान बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। जिससे ग्लेशियर धीरे-धीरे पिघल रहा है। जो कि पृथ्वी के विनाश का संकेत है। बता दें कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण बर्फ की चट्टाने पिघल रही है। जिससे धरती पर पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है जिसके कारण बाढ़, सुनामी, चक्रवात जैसी बड़ी आपदाएं हो रही है। आए-दिन कहीं-ना-कहीं प्राकृतिक आपदाएं अपना कहर मचा रही है।

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जैसा कि हम सभी जानते हैं धरती पर भूमि से पानी की मात्रा ज्यादा है। बता दें कि धरती के ओजोन परत पर छिद्र का होने से बर्फ की चट्टानें तेजी से पिघल रहे हैं साथ ही, कार्बनडाइऑक्साइड की अधिक मात्रा से वातावरण के तापमान में बढ़ोत्तरी जारी है। जिसके कारण यह ग्लेशियर पिघल रहे हैं। जो सभी के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। ऐसे में अगर बर्फ की चट्टानें लगातार पिघलती रही तो आने वाले समय में पृथ्वी पूरी तरह से जलमग्न हो जाएगा। जिसका नजारा हम सभी देख ही रहे हैं। जिसे रोकने के लिए वैज्ञानिक रात-दिन एक कर चुके हैं।

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Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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