भारत और न्यूजीलैंड के व्यापारिक संबंधों को एक नई मजबूती मिली है। सोमवार को दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत न्यूजीलैंड को 100 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर टैरिफ छूट मिलेगी। वहीं, न्यूजीलैंड से भारत आने वाले 95 प्रतिशत सामान पर टैरिफ में छूट दी गई है। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की उपस्थिति में यह महत्वपूर्ण समझौता हुआ है।
इसके साथ ही एक और अहम समझौता हुआ है जो अभी तक न्यूजीलैंड के किसी अन्य देश के साथ नहीं किया है। न्यूजीलैंड ने पहली बार छात्र आवाजाही और अध्ययन के बाद कार्य वीजा संबंधी अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत, भारतीय छात्र न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान विस्तारित अध्ययन के बाद कार्य वीजा के साथ प्रति सप्ताह 20 घंटे तक काम कर सकते हैं।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलता है। यह समझौता एक ओर भारत के निर्यातकों और कुशल कार्यबल को वैश्विक बाजार में बेहतर पहुंच प्रदान करेगा, वहीं दूसरी ओर न्यूजीलैंड को भारत जैसे विशाल और तेजी से उभरते उपभोक्ता बाजार में प्रवेश आसान बनाएगा। इस समझौते की खास बात यह है कि इसमें डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है, ताकि घरेलू उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। साथ ही, यह नीति विदेशी निवेश को आकर्षित करने में भी मददगार साबित होगी।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर क्या बोले पीयूष गोयल?
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब दुनिया नए साझेदार चुन रही है, और इस बदलती दुनिया में भारत और न्यूजीलैंड ने एक-दूसरे को चुना है। उन्होंने बताया कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता रिकॉर्ड 9 महीनों में संपन्न हुआ है। इस मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर भारत के विकसित देशों के साथ संबंधों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता ‘मील का पत्थर’- क्रिस्टोफर लक्सन
बता दें कि यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता पर हस्ताक्षर होने पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए व्यापार, निवेश और नवाचार के बड़े मौके खोलेगा। उन्होंंने इस बार भी जोर दिया कि इससे बाजार बढ़ेगा, निर्यात को सहारा मिलेगा और कृषि जैसे क्षेत्र में सहयोग मुमकिन होगा। साथ ही यह स्थिर, नियम-आधारित व्यापार और लोगों के बीच गहरे रिश्तों के लिए एक साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।
दोनों देशों के बीच इस समझौते पर टॉड मैक्ले ने कहा कि यह समझौता एक “पीढ़ी में एक बार” मिलने वाला मौका है जो निर्यातकों के लिए नए रास्ते बनाएगा, रोजगार पैदा करेगा और बड़ी आर्थिक क्षमता को खोलेगा। उम्मीद है कि इससे न सिर्फ मौजूदा व्यापार संबंध मजबूत होंगे बल्कि नई साझेदारी भी तेजी से बढ़ेंगी, जिससे दोनों देशों के बीच समग्र आर्थिक जुड़ाव बढ़ेगा। न्यूजीलैंड की मजबूत भागीदारी पर जोर देते हुए, उन्होंने बताया कि निर्यातकों, क्षेत्र के नेताओं और व्यावसायिक हितधारक समेत 40 से अधिक प्रतिनिधि इस मौके को देखने के लिए भारत आए थे, जिससे समझौते का महत्व पर जोर दिया गया।
मुक्त व्यापार समझौते से क्या होगा फायदा?
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 16 मार्च 2025 को शुरू हुआ मुक्त व्यापार समझौता सिर्फ नौ महीनों में पूरा होकर दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के नए अध्याय की शुरूआत है। इस समझौते के तहत भारत को न्यूजीलैंड के बाजार में सभी टैरिफ उत्पादों पर तत्काल 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। यह व्यवस्था पहले लागू करीब 10 प्रतिशत आयात शुल्क की तुलना में बड़ा बदलाव है, जो न्यूजीलैंड भारत से आने वाले लगभग 450 उत्पादों पर लगाता था।
इन उत्पादों में वस्त्र और परिधान, चमड़ा एवं संबंधित उत्पाद, टोपी, चीनी मिट्टी के बर्तन, कालीन, वाहन और ऑटो पार्ट्स जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इस कदम से भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी और द्विपक्षीय व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि भारत-न्यूजीलैंड ने इस ऐतिहासिक समझौते को ‘मील का पत्थर’ करार दिया है। इस समझौते का सबसे बड़ा लक्ष्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। वहीं अगले 15 साल में 20 बिलियन डॉलर के निवेश लाने का भी लक्ष्य है।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी को एक अहम पल बताया है और खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि आज हस्ताक्षर किया गया भारत-न्यूजीलैंड FTA हमारी वाणिज्य साझेदारी को बहुत ज्यादा तेजी देगा। यह हमारे दोनों देशों को जोड़ने वाले गहरे भरोसे, साझा मूल्यों और महत्वाकांक्षा को दिखाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समझौते से हमारे किसानों, युवाओं, महिलाओं, कारीगरों, स्टार्टअप्स, स्टूडेंट्स और इनोवेटर्स को बहुत फायदा होगा। यह ग्रोथ के नए रास्ते खोलेगा, मौके पैदा करेगा और अलग-अलग क्षेत्र में हमारी तालमेल को और गहरा करेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि न्यूजीलैंड द्वारा 20 बिलियन डॉलर के निवेश प्रतिबद्धता से कृषि, विनिर्माण, नवाचार और प्रौद्योगिकी में हमारा सहयोग और मजबूत होगा, जिससे दोनों देशों के लिए ज्यादा खुशहाल और गतिशील भविष्य का रास्ता बनेगा।
Today marks a landmark moment in the India-New Zealand partnership!
I am delighted that the India-New Zealand FTA signed today will add unprecedented momentum to our developmental partnership. It reflects the deep trust, shared values and ambition that bind our two nations.… https://t.co/WBHn4gb1yB
— Narendra Modi (@narendramodi) April 27, 2026





