भारत ने 5G तकनीक अपनाने में एक बड़ी छलांग लगाते हुए अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। देश में 5G इस्तेमाल करने वालों की संख्या अब 40 करोड़ के पार पहुंच गई है, जिससे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G यूजर बेस वाला देश बन गया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी साझा की।
लॉन्च होने के महज दो साल से भी कम समय में भारत ने यह मुकाम हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने जापान, अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे विकसित बाजारों को भी पीछे छोड़ दिया है। यह भारत की तेज डिजिटल प्रगति का एक बड़ा प्रमाण है।
वैश्विक स्तर पर भारत की ऊंची छलांग
ताजा आंकड़ों के अनुसार, 5G यूजर्स के मामले में चीन लगभग 1.1 बिलियन (110 करोड़) उपयोगकर्ताओं के साथ पहले स्थान पर काबिज है। वहीं, 40 करोड़ यूजर्स के साथ भारत ने दूसरे स्थान पर अपनी जगह बनाई है। इस सूची में अमेरिका 35 करोड़ यूजर्स के साथ तीसरे, यूरोपीय यूनियन 20 करोड़ के साथ चौथे और जापान 19 करोड़ यूजर्स के साथ पांचवें स्थान पर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में 5G अपनाने की रफ्तार दुनिया के किसी भी अन्य देश के मुकाबले सबसे तेज है। पहले अनुमान लगाया गया था कि 2025 के अंत तक भारत में 5G यूजर्स की संख्या करीब 39.4 करोड़ होगी, लेकिन भारत ने यह लक्ष्य समय से बहुत पहले ही पार कर लिया है।
भारत में 5G का सफर
भारत में 5G सेवाओं की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2022 में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान की थी। रिलायंस जियो ने सबसे पहले अपनी ‘True 5G’ सेवा शुरू की, जिसके बाद भारती एयरटेल ने ‘Airtel 5G Plus’ के साथ बाजार में कदम रखा। इन दोनों कंपनियों ने तेजी से अपने नेटवर्क का विस्तार किया।
वहीं, वोडाफोन आइडिया ने 2024 में अपनी 5G सेवाओं की शुरुआत की थी और 2025 तक इसके विस्तार की योजना बनाई। सरकारी दूरसंचार कंपनी BSNL ने भी इसी साल अपनी 5G सेवा शुरू करने की तैयारी की, जिससे प्रतिस्पर्धा और बढ़ने की उम्मीद हो गई है।





