Indian Air Force Day 2022: वायुसेना दिवस आज, जानें इंडियन एयरफोर्स के बारें में कुछ रोचक तथ्य

Indian Air Force Day 2022: वायुसेना दिवस आज, जानें इंडियन एयरफोर्स के बारें में कुछ रोचक तथ्य

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। आज भारत में 90वां वायुसेना दिवस (Indian Air Force Day 2022) मनाया जा रहा है। पूरे देश के लिए इस दिन का बहुत खास महत्व होता है। इस बार धूम-धाम से चंडीगढ़ में इंडियन एयरफोर्स डे मनाया जाएगा। इस दिन को भारतीय वायुसेना को श्रद्धांजलि देने और वायुसेना के योगदान की याद में मनाया जाता है। ब्रिटिश से ही वायुसेना ने कई युद्ध में अपना महत्वपूर्ण किरदार निभाया और काफी अच्छा प्रदर्शन किया। भारतीय वायुसेना की स्थापना 1932 में हुई थी। आइए जानें इस दिन से जुड़े कुछ खास और रोचक तथ्य।

यह भी पढ़े…दिवाली से पहले कर्मचारियों को तोहफा, वित्त विभाग ने जारी किया आदेश, DA की दरों में संशोधन, खाते में बढ़ेगी राशि, एरियर्स का होगा भुगतान

भारतीय वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। इस समय भारत आजाद भी नहीं हुआ था। Sir Thomas Elimhirst इंडियन एयरफोर्स के पहले कमांडर इन चीफ बनाए गए थे। वहीं एयर मार्शल सुब्रतो मुखर्जी पहले स्टाफ ऑफ द एयर फोर्स बने थे। साल 1945-1950 तक इसे रोरल इंडियन एयरफोर्स के नाम से बुलाया जाता था, लेकिन उसके बाद इसके नाम से रॉयल हटा दिया गया। इतना ही नहीं भारतीय वायुसेना दुनिया की सातवीं सबसे मजबूत और चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है।

यह भी पढ़े…शिवराज सरकार की बड़ी तैयारी, 18000 करोड़ रुपए स्वीकृत, 26 नवीन योजना से 15 जिलों को मिलेगा लाभ

चीन और पाकिस्तान दोनों के साथ युद्ध में वायुसेना ने शानदार प्रदर्शन किया था। बहुत कम लोगों को ही यह बात पता होती है की वायुसेना का मोटो “नभा स्पर्शम दीपथम” भागवत गीत के 11वें चैप्टर से लिया गया है। यूपी के गाजियाबाद में स्थित वायुसेना स्टेशन हिंडन वायुसेना स्टेशन एशिया में सबसे बड़ा है। बता दें भारतीय वायुसेना यूनाइटेड नेशन्स के साथ शांति मिशन में भी काम करता है। वायुसेना में महिला नेविगेटर, फाइटर और ऑफिसर बड़ी संख्या में शामिल है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews