आईपीएस या आईएफएस बनने पर मिलती है इतनी SALARY, गाड़ी-बंगले के अलावा दी जाती है ये भी खास सुविधाएं

आईपीएस या आईएफस को सैलरी के अलावा हर महीने टीए, डीए, एचआरए, मोबाइल समेत कई अन्य भत्ते भी मिलते हैं।IPS की सैलरी टैक्स फ्री होती है। बंगले गाड़ी की भी सुविधाएं मिलती है। आईए जानते है इन अफसरों को सैलरी भत्तों के तौर पर कितनी रूपए मिलते है।
IPS

IFS IPS Salary/Power/Facility : UPSC सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा माना जाता है। इस परीक्षा पास होने के बाद उम्मीदवारों का रैंक के हिसाब से IAS, IPS, IFS, IRS जैसे पदों पर चयन होता है , लेकिन इन सब पदों में से सबसे ज्यादा IAS और IPS के पद की चर्चा रहती है, क्योंकि दोनों एक दूसरे के पूरक होते है। IFS की भी अपने अलग भूमिका रहती है।

ट्रेनिंग के बाद IPS अधिकारियों की पहली नियुक्ति DSP के रूप में होती है, जो ACP या सहायक पुलिस आयुक्त के समान पद है।इनकी अपराध पर नियंत्रण, पुलिस स्टेशनों के प्रशासन और मैनेजमेंट, जांच आदि की जिम्मेदारी होती है। IFS देश के जंगलों की सुरक्षा करते हैं और पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन क्या आप जानते है कि एक IPS या IFS ऑफिसर को कितनी सैलरी और क्या क्या सुविधाएं मिलती है।

IPS बनने पर कितनी मिलती है सैलरी

  • एक आईपीएस ऑफिसर की बेसिक सैलरी 56,100 रुपये से शुरू होती है, इसमें 8 साल कै अनुभव होने पर 1 हर महीने 1,31,000 रुपये तक की सैलरी होती है।
  • आईपीएस को राज्य पुलिस में काम करने के के अलावा केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले विभिन्न सुरक्षा बलों में काम करने का मौका मिलता है।
  • एक आईजी यानी इंस्पेक्टर जनरल की सैलरी 143000 रुपये होती है। डीजीपी को प्रति माह 225000 रुपये सैलरी मिलती है, आईपीएस अधिकारियों को सैलरी के साथ कई प्रकार के भत्ते भी मिलते हैं।
  • IPS की सैलरी 7 वें वेतन आयोग के मुताबिक होती है, और सैलरी डिवीजन, उपखंड या सेवाओं के आधार पर अलग अलग होती है।
  • डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस- इस पद पर IPS अधिकारी को 56 हजार 100 रुपये सैलरी मिलती है।
  • एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस- 67 हजार 700 रुपये, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस- 78 हजार 800 रुपये और सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस- 1 लाख 18 हजार 500 रुपये,महीना सैलरी।
  • डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस- 1 लाख 31 हजार 100 रुपये,इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस- इस पद पर 1 लाख 44 हजार 200,एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस- 2 लाख 5 हजार 400 रुपये महीना सैलरी और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस- मासिक सैलरी 2 लाख 25 हजार रुपये महीना सैलरी होती है।

IPS को सैलरी के अलावा मिलती है ये भी सुविधाएं

  • आईपीएस अधिकारियों को पोस्ट के हिसाब से सुरक्षा गार्ड, ड्राइवर और हाउस हेल्पर भी दिए जाते हैं। पद के मुताबिक ही मेडिकल ट्रीटमेंट, टेलीफोन और बिजली बिल के लिए भी पैसे मिलते हैं।
  • आईपीएस अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद आजीवन पेंशन भी मिलती है।
  • आईपीएस अधिकारी ।को एक सरकारी गाड़ी और आलीशन बंगला मिलता है।
  • बंगले के गार्डेन को मेंटेन करने के लिए एक माली भी दिया जाता है।
  • एक पर्सनल असिस्टेंट मिलता है, जिसका काम पुलिस अधिकारी की वर्दी सेट करना होता है।
  • पुलिस लाइन होती है, जहां बारबर और मोची मिलते हैं।मेडिकल लीव भी मिलती है।
  • आईपीएस आधिकारी का प्रमोशन समय समय पर होता है। 4 साल, 9 साल, 18 साल और 25 साल पर प्रमोशन होता है।
  • एकेडमिक लीव लेकर देश विदेश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर सकते हैं। 30 दिन का ईएल, 16 दिन का सीएल मिलता है।
  • बच्चों को पढ़ाने के लिए एनुअल एजुकेशन अलाउंस मिलता है। मेडिकल फैसिलिटी फ्री है।
  • देश के बड़े हॉस्पिटल में अपना और फैमिली मेंबर्स का फ्री इजाज करा सकते है।

IFS ऑफिसर को सैलरी के साथ मिलती है ये सारी सुविधाएं

  • भारतीय वन सेवा में सबसे बड़ा पद होता है। आईएफएस अधिकारियों की सैलरी 60,000 रुपये से 2,50,000 रुपये प्रति माह तक हो सकती है।
  • भारतीय वन सेवा में शुरुआत आमतौर पर सहायक वन संरक्षक (Assistant Conservator of Forests) या सहायक उप वन संरक्षक (Assistant Deputy Conservator of Forests) के पद से होती है।
  • शुरुआती मासिक वेतन करीब 56,100 होता है।सेवा के दौरान अनुभव और वर्षों के हिसाब से अधिकारियों को क्रमशः 5, 8, 12, 16, 20 और 27 साल के बाद पदोन्नति मिलती है, जिससे उनका वेतन भी बढ़ता रहता है। इसमें प्रमुख मुख्य वन संरक्षक का मासिक वेतन बढ़कर 2,25,000 तक पहुंच जाता है।
  • IFS (Indian Foreign Service) अधिकारियों को महंगाई भत्ता (DA) के अलावा मकान किराया भत्ता (HRA) , यात्रा भत्ता (TA) भी ,चिकित्सा भत्ता भी दिया जाता है। अच्छा सरकारी आवास, सरकारी वाहन और ड्राइवर की सुविधा भी मिलती है।
  • जरूरत के अनुसार सुरक्षा कर्मी भी उपलब्ध कराए जाते हैं, उन्हें वार्षिक छुट्टियों के साथ मेडिकल छुट्टियाँ भी मिलती है।सेवा पूरी होने के बाद पेंशन और ग्रेच्युटी की सुविधा भी दी जाती है।

नोट – यह सभी जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से जुटाई गई है, इसमें फेरबदल भी हो सकता है, वेतन भत्तों में भी राज्यवार बदलाव हो सकता है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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