
Mahakumbh 2025: साल 2025 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन होने वाला है। दुनिया के सबसे बड़े आयोजनों में से एक इस आयोजन में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया है। रेलवे द्वारा डेढ़ से दो करोड़ लोगों को सफर करवाया जाएगा। यह श्रद्धालु आसानी से आना-जाना कर सकें इसके लिए रेलवे द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही है।
भारतीय रेलवे महाकुंभ में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के सुविधा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। यही कारण है कि 3000 स्पेशल ट्रेन मिलाकर कुल 13000 ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए ये इंतजाम किए जा रहे हैं।
महाकुंभ के लिए ट्रेन (Mahakumbh 2025)
महाकुंभ में भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। यही कारण है कि 3000 स्पेशल ट्रेन के साथ कुल 13000 ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है। 2019 में आयोजित हुए अर्धकुंभ में ट्रेनों की ये संख्या 7000 थी। 2025 के महाकुंभ में छोटी दूरी के लिए मेमू ट्रेन का इंतजाम भी किया जा रहा है। इस गाड़ी में दोनों तरफ इंजन लगाया जाएगा ताकि समय की बचत की जा सके। इससे आसपास के जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी।
48 नए प्लेटफॉर्म
महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर 48 नए प्लेटफार्म तैयार किए गए हैं। इसके अलावा 23 परमानेंट होल्डिंग एरिया, 554 टिकट अरेंजमेंट एरिया, 219 फुट ओवर ब्रिज बनाए गए हैं। 21 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण भी महाकुंभ की दृष्टि से किया गया है।
हो चुके हैं 5 हजार करोड़ के कार्य
अब तक महाकुंभ की तैयारी की जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक 5000 करोड़ के कार्य रेलवे द्वारा करवाए गए हैं। पिछले दो सालों में इन कार्यों को धरातल पर उतर गया है। इस बात की जानकारी खुद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी जब वो प्रयागराज पहुंचे थे। उन्होंने यहां झूंसी, फाफामऊ, प्रयागराज, नैनी, सूबेदारगंज और छिंवकी स्टेशन का दौरा भी किया। यहां पर डबल एंट्री की व्यवस्था की गई है और कंट्रोल रूम भी मौजूद रहेंगे। सभी कंट्रोल रूम का एक मास्टर कंट्रोल रूम भी रहने वाला है।
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गंगा नदी पर नया ब्रिज
इस बार वाराणसी और प्रयागराज रूट पर डबलिंग का काम भी किया गया है। लगभग 100 सालों बाद गंगा नदी पर नए ब्रिज का निर्माण किया गया है। ये ब्रिज झूंसी से दरारगंज के मध्य बनाया गया है। फाफामऊ-जंघई के बीच दोहरीकरण का काम होने से आवागमन की स्पीड बढ़ गई है।
टिकट की होगी कलर कोडिंग
यह भी बताया जा रहा है कि रेलवे स्टेशन पर जो होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं। वहां पर जगह बनाए रखने के लिए टिकट को कलर कोडिंग रखा जाने वाला है। होल्डिंग एरिया में जो कलर होगा उसी कलर की टिकट वाले यात्रियों को भेजा जाएगा। इस तरह से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी।
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