IndiGo के CEO पीटर एल्बर्स ने दिया इस्तीफा, अब को-फाउंडर राहुल भाटिया संभालेंगे कमान

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की वजह दिसंबर में हजारों फ्लाइट्स का कैंसल होना और 9 लाख से ज्यादा यात्रियों को हुई परेशानी मानी जा रही है। अब कंपनी के को-फाउंडर और अरबपति प्रमोटर राहुल भाटिया अंतरिम तौर पर कमान संभालेंगे।
Pieter Albers

आखिरकार वही हुआ जिसका अंदेशा था। यात्रियों की भारी नाराजगी और रेगुलेटर की फटकार के बाद देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एल्बर्स 10 मार्च को अपना कार्यकाल पूरा कर पदमुक्त हो जाएंगे।

उनकी जगह कोई नया मैनेजर नहीं, बल्कि कंपनी के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया ने अंतरिम तौर पर चार्ज ले लिया है। यह फैसला उस बड़ी उथल-पुथल के बाद आया है, जिसकी वजह से पिछले साल के अंत में लाखों यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी।

दिसंबर की वो अव्यवस्था, जब 9 लाख यात्री हुए थे बेहाल

इंडिगो के लिए यह इस्तीफा दिसंबर में हुए उस संकट से सीधे तौर पर जुड़ा है, जिसे एयरलाइन के इतिहास का सबसे बुरा दौर कहा गया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इंडिगो ने अकेले दिसंबर महीने में 5689 उड़ानें रद्द की थीं। इसका सीधा असर 9,02,384 यात्रियों पर पड़ा। सिर्फ 2 से 10 दिसंबर के बीच 5000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई थीं, और जो चल रही थीं उनमें से भी कई बेहिसाब लेट थीं।

वजह थी फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों में बदलाव के बाद पायलट और क्रू की खराब प्लानिंग। इसका खामियाजा सीधे तौर पर उन यात्रियों को भुगतना पड़ा, जिनके प्लान और पैसे दोनों बर्बाद हुए।

DGCA ने जब CEO को सीधे-सीधे ‘नाकाम’ बताया

हजारों उड़ानें रद्द होने के बाद डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने पीटर एल्बर्स को एक सख्त नोटिस भेजा था। इस नोटिस में रेगुलेटर ने साफ लिखा था, “CEO के तौर पर आप एयरलाइन के असरदार मैनेजमेंट के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन आप भरोसेमंद ऑपरेशन करने और यात्रियों को जरूरी सुविधाएं देने में अपनी ड्यूटी निभाने में नाकाम रहे हैं।”

नियामक की तरफ से किसी CEO के लिए ऐसी सीधी और तीखी टिप्पणी बहुत बड़ी बात थी। इसी नोटिस ने एल्बर्स के इस्तीफे की पटकथा लिख दी थी।

अब कमान संभालने वाले राहुल भाटिया कौन हैं?

पीटर एल्बर्स की जगह लेने वाले राहुल भाटिया कोई बाहरी पेशेवर नहीं, बल्कि इंडिगो के मालिक हैं। उन्होंने 2006 में अरबपति राकेश गंगवाल के साथ मिलकर इंडिगो की नींव रखी थी। फोर्ब्स के अनुसार, राहुल भाटिया की मौजूदा नेट वर्थ 6.5 बिलियन डॉलर (करीब 54,000 करोड़ रुपये) है। वह न सिर्फ कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, बल्कि प्रमोटर भी हैं और कंपनी में उनकी बड़ी हिस्सेदारी है। उनका सीधे कमान संभालना यह दिखाता है कि कंपनी अब डैमेज कंट्रोल के लिए अपने सबसे भरोसेमंद हाथ पर दांव लगा रही है।

Shyam Dwivedi
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पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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